बीजापुर, पांच फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बृहस्पतिवार को 12 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 46 लाख रुपये का इनाम था।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि माओवादियों के ‘दक्षिण उप-क्षेत्रीय ब्यूरो’ से संबंधित आठ महिलाओं समेत कुल 12 नक्सलियों ने बस्तर पुलिस की ‘पूना मार्गेम’ (पुनर्वास से लेकर सामाजिक पुनर्एकीकरण तक) पहल के तहत यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सली राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी प्रभावित थे।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मंडल समिति के सदस्य और माओवादियों की कटेकल्याण एरिया कमेटी के प्रभारी सोमादु मदकम (42) के अलावा अलग-अलग इकाइयों के दोनों पार्टी सदस्यों हुंगी कुंजाम (19) और पयाकी कुंजाम (22) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था।
उन्होंने बताया कि तीन अन्य कैडरों पर पांच लाख रुपये, एक कैडर पर दो लाख रुपये और पांच कैडरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एक एके-47 राइफल, दो सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), जिलेटिन की 250 छड़ें, 400 डेटोनेटर, बारूद से भरा एक प्लास्टिक ड्रम और कॉर्डेक्स तार का एक बंडल भी सौंप दिया।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीजापुर में एक जनवरी, 2024 से अब तक 888 नक्सलियों ने हिंसा त्याग कर मुख्यधारा में वापसी कर ली है, जबकि 1,163 को गिरफ्तार किया गया जबकि अलग-अलग मुठभेड़ों में 231 नक्सली मारे गए हैं।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी संगठन तेजी से अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क, लगातार सफल नक्सल-विरोधी अभियानों और सरकार की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच के कारण प्रतिबंधित संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिकुड़ रहा है।
उन्होंने बचे हुए माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार की ओर ले जाता है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा, ‘‘अपने हथियार डाल दो और मुख्यधारा में लौट आओ। आपके सुरक्षित भविष्य और नए जीवन के निर्माण की जिम्मेदारी सरकार और समाज दोनों पर है।’’
बीजापुर जिले में 15 जनवरी को 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। पिछले साल राज्य में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।
केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।
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