नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने चर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ आरोप तय करने के संबंध में शनिवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
पूनावाला पर आरोप है कि उसने अपनी ‘लिव-इन-पार्टनर’ श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिये थे।
इस मामले में शनिवार को बहस पूरी हो गयी। अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ के 29 अप्रैल को इस मामले में आदेश सुनाने की संभावना है।
इस बीच, श्रद्धा के पिता विकास मदन वालकर ने अदालत में अर्जी देकर अपनी बेटी के अवशेष सौंपे जाने के निर्देश देने का अनुरोध किया है, ताकि परंपरा और संस्कृति के अनुसार मृतका का दाह संस्कार किया जा सके।
दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को सूचित किया कि इस संबंध में 29 अप्रैल को जवाब दायर किया जाएगा।
इस बीच, शनिवार को पूनावाला के वकील द्वारा आरोप तय करने पर दलीलें पूरी की गईं।
सुनवाई के दौरान, पूनावाला के वकील ने कहा कि अपराध का स्थान, समय और तरीका दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के अनुसार निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।
पूनावाला पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (अपराध के सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए, पूनावाला के वकील ने दलील दी कि आरोपी को दोनों अपराधों के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है और दोनों ‘वैकल्पिक आरोपों’ को एक साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।
विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने इन दलीलों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल मामला आरोप तय किये जाने के स्तर पर है और दोनों अपराधों के लिए आरोप तय करने पर कोई रोक नहीं है।
गौरतलब है कि दिल्ली के महरौली इलाके में पूनावाला ने वालकर की कथित रूप से हत्या कर दी थी। उसने वालकर के शव के कम से कम 35 टुकड़े कर उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक 300 लीटर की क्षमता वाले फ्रिज में रखा था और फिर उन्हें दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया था।
भाषा
सुरेश पवनेश
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