scorecardresearch
Sunday, 29 March, 2026
होमदेशजम्मू कश्मीर में स्थानीयों व्यक्तियों के शामिल होने में तेज वृद्धि: अधिकारी

जम्मू कश्मीर में स्थानीयों व्यक्तियों के शामिल होने में तेज वृद्धि: अधिकारी

Text Size:

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर में पिछले दो वर्षों में आतंकवादी संगठनों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की ‘‘संख्या में तेज वृद्धि’’ सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए चिंता का कारण है तथा अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के आतंकियों की संख्या कुल सक्रिय आतंकवादियों का लगभग 60 प्रतिशत है। यह बात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सूत्रों ने बुधवार को कही।

वहीं सूत्रों के मुताबिक इस समय केंद्र शासित प्रदेश में करीब 150-163 सक्रिय आतंकियों में से 85 विदेशी बताए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी हैं।

सूत्रों ने कहा कि इन आतंकियों की कुल संख्या में स्थानीय आतंकवादियों की हिस्सेदारी पिछले लगभग दो वर्षों में तेजी से बढ़ी है। सूत्रों ने कहा कि इन वर्षों में स्थानीय आतंकवादियों की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक रही है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले, यह उल्टा होता था तथा कश्मीर घाटी एवं जम्मू के कुछ हिस्सों में सक्रिय आतंकवादियों में से लगभग 60-70 प्रतिशत आतंकवादी विदेशी होते थे।

सूत्रों ने कहा कि यह चिंता का विषय है लेकिन साथ ही सुरक्षा बलों के चलते स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए देश के भीतर और सीमा पार से कट्टरपंथी बनाये जाने को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें आनलाइन तरीका भी शामिल है।

अधिकारियों ने कहा कि 8 मई तक अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2018 में आतंकवादी संगठनों में 187 स्थानीय शामिल हुए, 2019 में 121, 2020 में 181, 2021 में 142 और 2022 में 28 व्यक्ति शामिल हुए।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस जैसे सुरक्षा बलों ने इस साल कुल 71 आतंकवादियों को मार गिराया, जिनमें से 19 विदेशी आतंकवादी थे।

भाषा अमित उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments