लखनऊ, 19 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने के अंदर राज्य में 10,000 पैरामेडिकल स्टाफ कर्मियों की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद कहा, ‘‘पैरामेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। कोविड-19 महामारी में हम सभी ने पैरामेडिकल स्टाफ के महत्व को बहुत करीब से देखा-समझा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगले छह माह में प्रदेश में 10,000 पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की कार्रवाई की जाए।’’ उन्होंने आदेश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से पूर्ण शुचिता के साथ कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए डॉक्टरों और नर्सों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डॉक्टर-नर्स का अनुपात 1:1 होना चाहिए। इसके लिए आवश्यकतानुसार पद सृजित कर योग्य प्रोफेशनल का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में 100 बेड के चिकित्सालय की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध रूप से इसे क्रियान्वित किया जाए। विगत पांच वर्षों में 5000 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थापना की गयी है। अब आगामी पांच वर्षों में 10 हजार नए उपकेंद्रों की स्थापना का लक्ष्य हासिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगामी 100 दिनों के भीतर राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा से लाभान्वित करने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा को और व्यवस्थित करने की जरूरत है। एम्बुलेंस के पहुंचने के समय और कम किया जाए। एम्बुलेंस सेवा के संचालन को और विकेंद्रीकरण करने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 100 दिनों में कम से कम 800 नयी एम्बुलेस अपने बेड़े में बढ़ाएं। एएलएस की संख्या को एक वर्ष में 250 से बढ़ाकर 375 और फिर आगे 500 तक करने के प्रयास हों।
भाषा सलीम सुरभि
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