scorecardresearch
Friday, 24 April, 2026
होमदेशचुनावों को ध्यान में रखकर हो रही हैं मुठभेड़ : अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा

चुनावों को ध्यान में रखकर हो रही हैं मुठभेड़ : अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा

Text Size:

महू (मध्य प्रदेश), 14 अप्रैल (भाषा) गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी गुलाम की झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के अगले दिन शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार चुनावों को देखते हुए मुठभेड़ों को अंजाम दे रही है।

गौरतलब है कि अतीक अहमद, उसका बेटा असद और कई अन्य उत्तर प्रदेश में उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी हैं, जिसके नतीजे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में शपथ ली कि वह वहां से माफिया का सफाया कर देंगे।

संविधान के मुख्य वास्तुकार, प्रख्यात न्यायविद और समाज सुधारक बाबासाहेब आंबेडकर को उनकी जन्मस्थली महू में उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने दावा किया कि ‘‘संविधान खतरे में है।’’

यादव ने कहा, ‘‘(लोकतांत्रिक) संस्थाएं एक के बाद एक समाप्त हो रही हैं और (भारतीय जनता पार्टी) नीत सरकारें (केंद्र और उत्तर प्रदेश की) बाबा साहेब द्वारा हमें दिए गए संविधान को नष्ट करने का काम कर रही हैं।’’

बृहस्पतिवार को झांसी में हुई मुठभेड़ के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘पहले दिन से (उत्तर प्रदेश) भाजपा चुनाव को देखते हुए मुठभेड़ कर रही है।’’

हालांकि इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कि अतीक अहमद के पाकिस्तान से संबंध थे, पर यादव ने कहा, ‘‘मैं उनके और किसके साथ संबंध के बारे में क्या कह सकता हूं।’’

यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बलिया में ‘(उप्र) के मुख्यमंत्री की जाति’ के लोगों द्वारा एक होनहार छात्र नेता की हत्या कर दी गई।

सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘क्या आज का भारत यह है कि कमजोर की जान ले लेंगे। क्या आज का भारत यह है कि संविधान में हमें जो अधिकार मिले हैं, वो नहीं मिलेंगे।’’

उन्होंने सवाल किया कि सबसे ज्यादा पुलिस फर्जी मुठभेड़ के नोटिस (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नोटिस) उप्र सरकार को क्यों मिले हैं। पुलिस हिरासत में सबसे ज्यादा मौतें उप्र में क्यों हैं?

मालूम हो कि अतीक अहमद का बेटा असद और एक शूटर बृहस्पतिवार को झांसी के पास उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए। दोनों उमेश पाल हत्याकांड में वांछित थे।

भाषा दिमो अर्पणा

अर्पणा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments