तिरुवनंतपुरम, 14 अप्रैल (भाषा) केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने राज्य विधानसभा परिसर में हाल में हुई धक्का-मुक्की का वीडियो बनाने के मुद्दे पर राज्य विधान सचिवालय द्वारा कुछ मीडिया संगठनों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पत्रकार संघ ने विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमसीर को एक पत्र सौंपकर कार्रवाई की आलोचना की और इस मुद्दे पर उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
पिछले महीने हुई अप्रत्याशित घटनाओं की वीडियोग्राफी को सही ठहराते हुए पत्रकार संघ ने कहा कि पत्रकारों ने विपक्षी यूडीएफ विधायकों के एक वर्ग और सदन मार्शल के बीच संघर्ष के दृश्यों को अपने कर्तव्य के हिस्से के रूप में शूट किया था।
संगठन ने कहा कि मीडियाकर्मियों के लिए अपने सामने घटी घटना के दृश्यों का वीडियो बनाना स्वाभाविक है।
पत्रकार संघ ने यह भी संदेह व्यक्त किया कि क्या वर्तमान कदम विधानसभा परिसर में मीडिया पर अधिक नियम लागू करने के प्रयासों का हिस्सा है।
इस बीच, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने नोटिस की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि विधान सचिवालय का कदम ‘‘मनमाना’’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों के प्रति पिनराई विजयन सरकार का रवैया केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘कार्बन कॉपी’ है।
भाषा नेत्रपाल माधव
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