उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का कुछ हिस्सा गिराया जा रहा है.
मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी तैनात हैं. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित कर रही है.
उज्जैन में 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं. SP प्रदीप शर्मा भी मौके पर मौजूद हैं. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे उज्जैन शहर में अलर्ट जारी किया गया है.
#WATCH | Madhya Pradesh: Police use tear gas shells to control a crowd in Ujjain as stone pelting occurred when a large group of people clashed with them at the spot where a portion of Shahi Masjid is planned to be demolished for a road-widening project. Rapid Action Force (RAF)… pic.twitter.com/zRLlSzgXoj
— ANI (@ANI) September 28, 2026
SP प्रदीप शर्मा ने मौके पर की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पुलिस को स्थिति का पहले से अंदाजा था और पथराव करने तथा माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
शर्मा ने कहा, “सभी समुदाय और समाज के सभी वर्ग अपने-अपने इलाकों में लगातार सहयोग और समर्थन दे रहे हैं. आज भी शाही मस्जिद में मस्जिद समिति की ओर से शुरू किया गया तोड़फोड़ का काम जारी है. एहतियात के तौर पर हमने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया है और सभी के प्रवेश पर रोक लगा दी है. हालांकि, कुछ उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की और पथराव किया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस और हल्के बल का इस्तेमाल कर भीड़ को हटाया. मुस्लिम समुदाय के नेता भी वीडियो संदेश जारी कर शांति की अपील कर रहे हैं. अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मस्जिद समिति की ओर से तोड़फोड़ का काम भी लगातार जारी है.”
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने तोड़फोड़ के काम को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं. CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है. हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
उन्होंने कहा, “हमें इसकी पहले से आशंका थी और हमने पूरी तैयारी की थी. हर पहलू पर चर्चा के लिए कई बैठकें और विस्तृत ब्रीफिंग की गई थीं. इसी तैयारी की वजह से हमने पूरे छत्री चौक इलाके को खाली करा लिया. अब यहां कोई भीड़ नहीं है और पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बनाया गया है. पथराव की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन वे सतर्क हैं और ड्यूटी के लिए तैयार हैं. स्थिति को संभालने के लिए हमने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पूरे इलाके की CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है. सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.”
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग बाहर से आकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे. इनमें से कुछ लोगों को सोमवार देर रात पकड़ा गया था.
शर्मा ने कहा, “जिले के बाहर से माहौल खराब करने के लिए आए कुछ लोगों को पुलिस ने कल देर रात सीमा पर ही हिरासत में ले लिया था. उन्हें अलग-अलग पुलिस थानों में रखा गया है. अब हम CCTV और ड्रोन फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करेंगे और जो भी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी.”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ महिलाओं ने सड़क जाम करने की कोशिश की थी. पुलिस ने उन्हें समझाया और स्थिति के वीडियो दिखाए, जिसके बाद उन्होंने सड़क जाम खत्म कर दिया.
उन्होंने कहा, “कुछ महिलाओं ने भी सड़क जाम करने की कोशिश की थी. लेकिन उन्हें समझाने और स्थिति के वीडियो दिखाने के बाद उन्होंने सड़क जाम हटा लिया. सड़क खुली हुई है. मैं सभी से अपील करता हूं कि कृपया सहयोग करें. अगर कोई ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जैसा कि आप सभी देख सकते हैं, यह पूरा काम समिति के जरिए और सभी की सहमति से किया जा रहा है.”
इससे पहले, सड़क चौड़ीकरण के काम के तहत समुदाय के सदस्यों ने शाही मस्जिद के एक हिस्से को गिराया. वहीं, विकास कार्य को लेकर दूसरे समूहों के बीच मतभेद भी सामने आए.
मौके पर प्रदर्शनकारी गलियों से आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई दिए. आगे बढ़कर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही महिलाओं को कुछ लोग आगे की ओर धकेलते हुए नजर आए. इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी फेंके गए.