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Wednesday, 4 March, 2026
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उच्चतम न्यायालय जिला अदालत नहीं है जहां आप आदेशों के साथ खेल सकते हैं: शीर्ष अदालत ने क्रिप्टो घोटाले के आरोपी से कहा

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नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने क्रिप्टो करेंसी घोटाले के एक आरोपी द्वारा अपना यूजरनेम/पासवर्ड प्रवर्तन निदेशालय के साथ साझा करने के अपने आदेश का पालन नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को कहा, ‘‘हम जिला अदालत नहीं हैं जहां आप आदेशों के साथ खेल सकते हैं।’’

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने आरोपी को चेतावनी दी कि अगर वह अदालत के पिछले आदेशों का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की उसकी याचिका को खारिज कर दिया जाएगा।

पीठ ने अजय भारद्वाज नामक व्यक्ति की ओर से पक्ष रख रहे वकील पी सी सेन से कहा, ‘‘आपने यूजरनेम और पासवर्ड क्यों नहीं बताया जबकि हमारे पिछले आदेश में इसका उल्लेख किया गया था? अगर अनुपालन नहीं हुआ तो हम रिट याचिका खारिज कर देंगे। उच्चतम न्यायालय कोई जिला अदालत नहीं है जहां आप आदेशों के साथ खेल सकते हैं। आपने खुद बयान दिया कि आप यूजरनेम और पासवर्ड साझा करेंगे और अब कोई अनुपालन नहीं हुआ। यह कोई तीस हजारी अदालत नहीं है।’’

पीठ ने वकील से उनके मुवक्किल को सूचित करने को कहा कि उन्हें ईडी के साथ जानकारी साझा करनी होगी तभी उनका पक्ष सुना जाएगा।

ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि आरोपी जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रहा और उसने संबंधित जानकारी साझा नहीं की है।

आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि पुणे पुलिस ने सभी संबंधित दस्तावेज और ईमेल आईडी और पासवर्ड जब्त कर लिये थे जिनमें दो क्रिप्टो-करेंसी वॉलेट से भी जुड़े हैं।

दवे ने कहा, ‘‘ईडी क्रिप्टो करेंसी की बारीकियों को नहीं समझती, लेकिन पुणे पुलिस समझती है। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी वॉलेट के यूजर आईडी और पासवर्ड जब्त कर लिये हैं और मेरा पासवर्ड तक बदल दिया। उन्होंने मेरे वॉलेट से 1800 रुपये हस्तांतरित किये और पुणे पुलिस ने मेरे बिटकॉइन हस्तांतरित करने में शामिल दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।’’

उन्होंने कहा कि उनका मुवक्किल ईडी के साथ अपने यूजर आईडी और पासवर्ड संबंधित जानकारी साझा करने से नहीं बच रहा लेकिन यह काम उसके वकील की मौजूदगी में किया जाना चाहिए।

भाषा वैभव उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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