नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए हुई चयन समिति की बैठकों के बारे में जानकारी के खुलासे से जुड़ी एक याचिका पर बुधवार को केंद्र से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने केंद्र सरकार के वकील को निर्देश लेने के लिए समय दिया और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की याचिका को आगे सुनवाई के लिए मई में सूचीबद्ध किया।
याचिकाकर्ता ने केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा उनके सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन पर एक जनवरी को पारित आदेश को चुनौती दी है। आयोग ने लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 के तहत गठित चयन समिति की बैठकों का ब्योरा देने से इनकार करने वाले प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय को बरकरार रखा।
इस मामले में याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वकील प्रशांत भूषण कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि लोकपाल अध्यक्ष और सदस्यों के चयन से संबंधित जानकारी मुहैया नहीं कराना लोकपाल कानून और आरटीआई कानून की भावना के खिलाफ है क्योंकि लोकपाल कानून का मकसद जवाबदेही बढ़ाना तथा सरकारी कार्यालयों के कामकाज और भ्रष्टाचार के कृत्यों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
भाषा अविनाश उमा
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