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Monday, 30 March, 2026
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अदालत ने अपराध शाखा को अभिनेत्री हमला मामले की जांच पूरी करने के लिए 30 मई तक का समय दिया केरल उच्च न्यायालय से अभिनेता दिलीप को दोहरा झटका, प्राथमिकी खारिज नहीं की गयी, जांच समय सीमा बढी

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कोच्चि (केरल), 19 अप्रैल (भाषा) अभिनेता दिलीप को दोहरा झटका देते हुए केरल उच्च न्यायालय ने 2017 के अभिनेत्री हमला प्रकरण की जांच कर रहे अधिकारियों को धमकाने एवं उनकी हत्या की साजिश रचने संबंधी प्राथमिकी को खारिज करने के उनके दरख्वास्त खारिज कर दी और मामले की आगे की जांच को पूरा करने के लिए समय नहीं बढ़ाने का उनका अनुरोध भी अस्वीकार कर दिया।

अभिनेता ने अपनी अर्जी में हत्या संबंधी प्राथमिकी खारिज करने तथा इस मामले को सीबीआई जांच के लिए सौंपने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया था कि यह प्राथमिकी 2017 के मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारियों की उनके प्रति दुश्मनी का नतीजा है, क्योंकि उनके परिवार के सभी पुरूष सदस्यों को इसमें फंसा दिया गया है ।

एक अन्य अर्जी में उन्होंने 2017 मामले की आगे की जांच पूरा करने के लिए समय बढ़ाने के अपराध शाखा के आवेदन का विरोध किया था और कहा था कि एजेंसी उन्हें ‘ बस परेशान करने के लिए नाहक ही जांच को लंबा खींच रही है।’

अदालत ने आठ मार्च को एजेंसी को इस मामले की जांच को पूरा करने के लिए 15 अप्रैल तक का समय दिया था। अपराध शाखा ने सात अप्रैल को आवेदन देकर अपनी जांच पूरा करने के लिए और तीन महीने का वक्त मांगा था।

मंगलवार को करीब पौने दो बजे न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए ए ने हत्या की साजिश संबंधी प्राथमिकी खारिज करने एवं सीबीआई को जांच सौंपने की दिलीप की अर्जी की यह कहते हुए खारिज कर दी कि वह किसी भी राहत के लिए अपनी बात साबित नहीं कर पाये।

अदालत ने कहा कि आपराधिक साजिश का अपराध निर्देशक बालचंद्र कुमार के इस बयान के बाद लगाया गया कि आरोपी ने पांच पुलिस अधिकारियों को नुकसान पहुंचाने का फैसला किया है।

संयोग से हत्या की साजिश संबंधी प्राथमिकी और 2017 के मामले की आगे की जांच दोनों ही कुमार के खुलासों पर आधारित है।

बाद में न्यायमूर्ति कौसर इडाप्पगाथ ने अपराध शाखा को जांच पूरा करने के लिए समय 30 मई तक बढ़ा दिया एवं इसपर अभिनेता का विरोध खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा कि तथ्यों के आधार पर वह जांच एजेंसी को 2017 के मामले की जांच पूरी करने के लिए और समय देने के पक्ष में है लेकिन वह 30 मई के बाद और समय नहीं दे पाएगी।

लेकिन अभिनेता के लिए राहत की बात यह रही कि न्यायमूर्ति रहमान ने अपने आदेश में कहा कि हत्या की साजिश संबंधी प्राथमिकी में धौंसपट्टी की मामला नहीं बनता है क्योंकि उसके लिए प्राथमिकी में सबूत नहीं है।

अभिनेता और पांच अन्य पर 2017 के अभिनेत्री हमला मामले के जांच कर रहे अधिकारियों की हत्या की कथित साजिश रचने को लेकर भादंसं की विभिन्न धाराएं लगायी गयीं हैं।

तमिल, तेलुगू, एवं मलयालम फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री को 17 फरवरी, 2017 की रात को कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से अगवा कर उनका उत्पीड़न किया था। वे लोग जबरन उनकी कार में चढ़ गये थे। बाद में वे वहां से भाग गये । इस पूरी हरकत का इन व्यक्तियों ने अभिनेत्री को ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो बना लिया था। इस मामले में 10 आरोपी हैं एवं पुलिस सात को गिरफ्तार कर चुकी है। दिलीप को बाद में गिरफ्तार किया गया था एवं जमानत पर छोड़ दिया था।

भाषा राजकुमार उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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