कोलकाता, 27 अप्रैल (भाषा) बांग्ला भाषा की एक फिल्म को लेकर विवाद पैदा होने के बाद सेंसर बोर्ड ने लोगों की भावनाएं आहत होने से रोकने के लिए ‘होनु’, ‘सिते’ शब्दों की ध्वनि नहीं प्रसारित करने का निर्देश दिया है।
अभिनेता रूद्रनील घोष, अबीर चटर्जी और पायल सरकार अभिनीत हास्य फिल्म ‘अशारे’ गप्पो’ का निर्देशन अरिंदम चक्रवर्ती ने किया है। इसकी शूटिंग 2013 में की गई थी। वित्तीय संकट और वितरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर फिल्म आठ वर्षों तक रोक कर रखी गई।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने बुधवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि ‘होनु’ और ‘अमी सिते’ सहित चार मुहावरे अपमानजनक तथा भावनाओं को आहत करने वाले हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने निर्माताओं को इन मुहावरों- जिनमें से दो का उपयोग गानों में किया जाता है-की ध्वनि नहीं प्रसारित करने को कहा है। ’’
वहीं, इस निर्देश से निराश फिल्म निर्माता ने कहा कि ये संवाद फिल्म का अभिन्न हिस्सा हैं। फिल्म निर्माता राज्य सरकार के एक अधिकारी भी हैं।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘सीबीएफसी का निर्देश पूरी तरह अतार्किक है। फिल्म निर्माता होने के नाते मैं पटकथा का कोई हिस्सा हटाना नहीं चाहूंगा। ’’
भाषा
सुभाष पवनेश
पवनेश
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