नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) वाम दलों ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा आईपीओ लाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह ‘घोटाला’ और ‘बिक्री’ है।
एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत एंकर निवेशक दो मई को बोली लगाएंगे। निर्गम चार मई को संस्थागत और खुदरा खरीदारों के लिए खुलेगा और नौ मई को बंद होगा।
शेयर आईपीओ बंद होने के एक सप्ताह बाद 17 मई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो सकता है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने एक बयान में कहा कि एलआईसी का आईपीओ लाया जाना निजीकरण का एक हिस्सा है।
भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘यह अफसोस का विषय है कि भाजपा सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को बेच रही है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने एलआईसी के आईपीओ को ‘घोटाला’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह लोगों के संसाधनों की लूट है।
उन्होंने कहा, ‘‘एलआईसी भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में सबसे बड़ा योगदान देने वाली कंपनी रही है। 1956 में अस्तित्व में आने के बाद से इसने 35 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है। अब इसे उन विदेशी धन प्रबंधकों के हवाले कर दिया जाएगा जो शेयर बाजार से अधिक से अधिक निजी लाभ कमाने की कोशिश में रहते हैं।’’
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हक माधव
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