पुलवामा (जम्मू-कश्मीर), 14 फरवरी (भाषा) केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों के सक्रिय रुख से कश्मीर में स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। पुलवामा में हुए हमले में अर्द्धसैनिक बल के 40 जवान शहीद हो गए थे।
वर्ष 2019 में आज ही के दिन दक्षिण कश्मीर जिले में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादियों के हमले में विस्फोटक से लदे एक वाहन को लेथपोरा में सीआरपीएफ के काफिले से उस समय टकरा दिया गया था, जब यह काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था।
सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (अभियान) एम एस भाटिया ने श्रीनगर से 21 किलोमीटर दूर पुलवामा के शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ”पुलवामा हमले के बाद कश्मीर में स्थिति में सुधार हुआ है। अब पत्थरबाजी की घटनाएं बंद हो गयी हैं, हड़ताल भी नहीं हो रही है।’’
भाटिया ने कहा, ‘‘कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों के बीच ‘उत्कृष्ट’ तालमेल है और हम कश्मीर घाटी से आतंकवाद का सफाया करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हम आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं और आतंकवादियों को रसद और आश्रय प्रदान करने वाले ओजीडब्ल्यू (ओवर-ग्राउंड वर्कर्स) पर नजर रख रहे हैं। हम उन्हें उन स्थानों से वंचित कर रहे हैं, जहां से वे योजनाओं को अंजाम दे सकते हैं। ‘
अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ ने यह सुनिश्चित करने के लिए हथियारों और गैजेट्स के आधुनिकीकरण की दिशा में कई कदम उठाए हैं ताकि आतंकवादी पुलवामा जैसा दूसरा हमला न कर सकें।
पिछले साल कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों की हत्याओं पर भाटिया ने कहा, ‘एक निहत्थे व्यक्ति को निशाना बनाना कायरता की निशानी है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इलाके में वर्चस्व कायम कर रहे हैं। हम अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
कश्मीर जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि पुलवामा हमले में शामिल 19 में से 15 आतंकवादी या तो मारे गए हैं या गिरफ्तार कर लिये गए हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘उन्नीस आतंकवादी पुलवामा हमले में शामिल थे, आठ को मार गिराया गया है, जबकि सात को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार अब भी फरार हैं। उनमें से तीन पाकिस्तानी हैं, जिनमें (जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख) मसूद अजहर भी शामिल है।’’
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में जैश-ए-मोहम्मद का ‘सफाया’ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केवल सात से आठ आतंकवादी सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से कम से कम पांच विदेशी आतंकवादी हैं, जिनमें मूसा सुलेमानी कुलगाम जिले में सक्रिय है। हम उसे जल्द ही पकड़ लेंगे।”
कुमार ने कहा कि कश्मीर घाटी में केवल 37 स्थानीय आतंकवादी सक्रिय हैं, लेकिन उनमें से केवल दो पिछले दो या तीन महीने से अधिक समय से सक्रिय हैं।
भाषा सुरेश पवनेश
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