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Friday, 13 March, 2026
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ज्ञानवापी मामला : मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख नियत

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वाराणसी (उत्तर प्रदेश), 24 मई (भाषा) ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में मुकदमे की पोषणीयता से संबंधित मामले पर सुनवाई के लिए वाराणसी जिला अदालत ने 26 मई की तारीख नियत की है।

इस बीच, वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में विश्व वैदिक सनातन संघ की महामंत्री किरण सिंह की तरफ से एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में मुसलमानों का प्रवेश रोकने, परिसर को हिंदुओं को सौंपने तथा आदि विश्वेश्वर का नियमित पूजन अर्चन करने के अधिकार की मांग की गई है।

शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने बताया कि जनपद न्यायाधीश ए. के. विश्वेश्वर की अदालत ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मुकदमे की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख मुकर्रर की है।

उन्होंने बताया कि यह मुकदमा चलाने लायक है या नहीं, इस पर अदालत 26 मई को सुनवाई करेगी।

सिंह ने बताया कि इसके साथ ही अदालत ने कमीशन की कार्यवाही पर आपत्ति दाखिल करने के लिए दोनों पक्षों को एक सप्ताह का समय दिया है।

मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने बताया कि उन्होंने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर यह कहा है कि यह मुकदमा सुनने लायक नहीं है क्योंकि ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई करना उपासना स्थल अधिनियम-1991 का उल्लंघन है।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने पिछली 20 मई को ज्ञानवापी मामले को वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से जिला जज के न्यायालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

न्यायालय का कहना था कि चूंकि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है इसीलिए कोई तजुर्बेकार न्यायिक अधिकारी इस मामले को सुने। न्यायालय ने निर्देश दिए थे कि जिला जज आठ हफ्ते में अपनी सुनवाई पूरी करें।

इस बीच, विश्व वैदिक सनातन संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिसेन ने बताया कि संगठन की महामंत्री उनकी पत्नी किरण सिंह की ओर से सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में ज्ञानवापी परिसर में मुसलमानों के प्रवेश को वर्जित करने, परिसर को हिंदुओं को सौंपने तथा ज्ञानवापी में मिले आदि विश्वेश्वर शिवलिंग की नियमित पूजा अर्चना करने के अधिकार के लिए याचिका दायर की गई है।

उन्होंने बताया कि अदालत नियमित पूजा अर्चना के बिंदु की तात्कालिकता को देखते हुए इस पर बुधवार को सुनवाई करेगी।

ज्ञातव्य है कि दिल्ली निवासी राखी सिंह तथा अन्य की याचिका पर वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने पिछली 26 अप्रैल को ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी परिसर का वीडियोग्राफी सर्वे कराए जाने का निर्देश दिया था। सर्वे का यह काम पिछली 16 मई को मुकम्मल हुआ था, जिसकी रिपोर्ट 19 मई को अदालत में पेश की गई थी।

हिंदू पक्ष ने सर्वे के अंतिम दिन ज्ञानवापी मस्जिद के वजू खाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया था, जिसे मुस्लिम पक्ष ने नकारते हुए कहा था कि वह शिवलिंग नहीं बल्कि फव्वारा है।

भाषा सं सलीम रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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