नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) जामिया मिल्लिया इस्लामिया आगामी शैक्षणिक सत्र से चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) की पेशकश कर सकता है जिसमें छात्रों के पास कई विकल्प मौजूद होंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस संबंध में प्रस्ताव को हाल ही में आयोजित अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में अपनाया गया था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक यह मामला अब कार्यकारी परिषद की अगली बैठक में रखा जाएगा, जो विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय की कुलपति नजमा अख्तर ने की है।
कुलपति नजमा अख्तर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी पहलुओं को अपनाने का प्रयास किया है। हाल ही में हुई अकादमिक परिषद की बैठक में सदस्यों ने उच्च शिक्षा संस्थानों में पेश किए जाने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश और निकास संबंधी कई विकल्पों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों को अपनाया और पुनर्गठित चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की रूपरेखा को लागू किया। ’’
यदि कार्यकारी परिषद द्वारा यह प्रस्ताव अनुमोदित किया जाता है, तो स्नातक की डिग्री इस अवधि के भीतर प्रवेश और निकास के कई विकल्पों के साथ या तो तीन या चार साल की अवधि की होगी।
यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 का हिस्सा था। विश्वविद्यालय में वर्तमान स्नातक पाठ्यक्रम तीन साल की अवधि के हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय सहित कुछ संस्थानों ने पहले ही एफवाईयूपी को अपना लिया है। भाषा रवि कांत माधव
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