गुमला (झारखंड), छह मई (भाषा) झारखंड में गुमला जिले के भरनो प्रखंड के रायकेरा जंगल में अवैध रूप से लकड़ी काटने वालों ने रायकेरा वन समिति के अध्यक्ष शमीम अंसारी की आज लाठी डंडों से पीटकर निर्मम हत्या कर दी और स्थानीय पुलिस उन्हें बचाने के लिए समय रहते कुछ न कर सकी।
गुमला मंडल के मंडलीय वन अधिकारी श्रीकांत वर्मा ने बताया कि 40 वर्षीय शमीम अंसारी लकड़ी माफियाओं को जंगल काटने से मना करने आज दिन में लगभग ग्यारह बजे रायकेरा के जंगल गए थे। वहां जाने से पूर्व उन्होंने वनरक्षी नवल किशोर को सूचना दी थी, लेकिन जब तक नवल वहां पहुंचते शमीम ने लकड़ी माफिया और स्थानीय लोगों को वन की लकड़ी काटने से रोका और उनसे उलझ गए। इसके बाद लकड़ी माफिया ने आसपास के ग्रामीणों को इकट्ठा कर लिया।
सूत्रों ने बताया कि लकड़ी माफिया के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने शमीम अंसारी पर हमला बोल दिया एवं लाठी और डंडों से उनकी पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं ग्रामीणों ने उनपर पत्थर भी बरसाने शुरू कर दिये तथा थोड़ी ही देर में माफिया ने शमीम अंसारी को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने बताया कि मौके पर जब वनरक्षी नवल किशोर पहुंचे तो लकड़ी माफिया और ग्रामीणों ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया, इसके बाद उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। सूत्रों के अनुसार, यह सब चलता रहा और स्थानीय पुलिस मौके पर घंटों नहीं पहुंची।
वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शमीम अंसारी की उम्र 40 वर्ष थी और वह भरनो थाना क्षेत्र के रायकेरा बांधटोली निवासी थे। उन्होंने कहा कि शमीम अंसारी रायकेरा जंगल में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करने वाले तस्करों को रोकने का काम करते थे।
अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद भरनो थाना पुलिस काफी विलंब से मौके पर पहुंची और शमीम अंसारी को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर जंगल के अंदर छुपकर जान बचाने वाले वनरक्षी नवल किशोर को पुलिस ने जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला।
बाद में घटना की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार, इंस्पेक्टर श्यामानन्द मंडल, थानेदार कृष्ण कुमार तिवारी सहित काफी संख्या में लोग भरनो अस्पताल पहुंचे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस जंगल में लकड़ी माफियाओं का साम्राज्य कायम है और माफिया बड़े पैमाने पर जंगल से लकड़ी काटकर तस्करी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें पुलिस के कई अधिकारियों की भी मिलीभगत रहती है।
भाषा, इन्दु सुरेश
सुरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
