नई दिल्लीः कोविन प्रणाली में आठ मई से चार अंकों के सिक्युरिटी कोड वाला नया फीचर शुरू होने जा रहा है ताकि वैक्सीनेशन की स्थिति के बारे में डेटा एंट्री खामियों को कम से कम किया जा सके. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इससे नागरिकों की समस्याएं कम होंगी.
मंत्रालय ने बताया कि कुछ मामलों में यह बात सामने आई है कि कोविन पोर्टल के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के लिए समय लेने वाले कुछ लोग टीका लगवाने के लिए तय तारीख पर नहीं पहुंच सके और उन्हें एसएमएस से सूचना मिल गई कि उन्हें टीके की खुराक दी जा चुकी है.
इसने बताया कि जांच पर यह पाया गया कि ऐसा मुख्यत: इसलिए होता है कि टीका लगाने वाले ने गलत तरीके से नागरिक का टीकाकरण दिखा दिया, जो टीका लगाने वाले की तरफ से डेटा एंट्री में खामी की घटना है.
मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘इस तरह की खामियों को न्यूनतम करने और नागरिकों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए कोविड प्रणाली में आठ मई से चार अंकों वाले सिक्युरिटी कोड की शुरुआत की जा रही है.’
इसने कहा, ‘अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा.’
नया फीचर उन्हीं नागिरकों पर लागू होगा जिन्होंने टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन समय लिया है.
चार अंकों वाला सिक्युरिटी कोड अप्वाइंटमेंट वाली पावती पर भी प्रिंट होगा और टीका लगाने वाले को इसकी जानकारी नहीं होगी. अप्वाइंटमेंट बुक हो जाने के बाद कोड को लाभार्थीको एसएमएस से भी भेजा जाएगा.
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