Thursday, 7 July, 2022
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दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा के स्कूलों में आए कोरोना के मामले, चेन तोड़ने के लिए बंद किए गए स्कूल

यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में दो प्राइवेट स्कूलों के तीन छात्रों में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी और अब तक तीन टीचर्स सहित कुल 21 लोग संक्रमित हो चुके हैं.

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नई दिल्ली: कुछ दिनों की राहत के बाद देश में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. यही नहीं दिल्ली, मुंबई, केरल समेत कई राज्यों में कोरोना के मरीज़ो की संख्या बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. लगभग दो साल बाद दिल्ली एनसीआर में स्कूलों को खुले अभी चंद दिन ही बीते हैं लेकिन दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के स्कूलों में छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मिलने लगे हैं जिसके बाद कोरोना के चेन को तोड़ने के लिए स्कूलों को बंद किया जा रहा है.

नोएडा, गाजियाबाद के छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव 

कोरोना से राहत मिलने के बाद लगभग दो साल बाद इसी महीने की एक तारीख को दिल्ली एनसीआर में स्कूल खोले जाने लगे हैं. छात्र- छात्राओं के साथ अभिभावकों ने भी खूब जोश के साथ बच्चों को स्कूल भेजना शुरू किया लेकिन स्कूल खोले जाने के बाद से ही यहां संक्रमण के मामले आने लगे. बीते मंगलवार को यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में दो प्राइवेट स्कूलों के तीन छात्रों में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी और अब तक तीन टीचर्स सहित कुल 21 लोग संक्रमित हो चुके हैं.

इससे पहले इन्हीं दोनों स्कूलों में नौ छात्र और नोएडा के एक स्कूल में 13 छात्र कोविड पाजिटिव मिले थे.

खेतान स्कूल के एक अधिकारी के मुताबिक तीन दिनों के लिए स्कूल को बंद करने की घोषणा की है ताकि कोरोनावायरस की इस श्रृंखला को तोड़ा जा सके.

वहीं पूरे गौतम बुद्धनगर में 20 कोरोना संक्रमित मिले हैं. इनमें से आठ मरीजों की आयु 18 वर्ष से कम है.

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दूसरी तरफ गाजियाबाद स्थित दिल्ली पब्ल्कि स्कूल (डीपीएस) में कोरोना के दो मामलों की पुष्टि की है.

यूपी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है कि संक्रमित पाए गए बच्चों की स्थिति सामान्य है. किसी में फिलहाल गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं. उनका का इलाज किया जा रहा है.

स्कूल प्रशासन यह भी ने बताया कि स्कूल को ऑनलाइन कर दिया गया है.

बढ़ रहे कोरोना का खतरा बच्चों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है. इसको लेकर स्कूलों में पूरी सावधानियां भी बरती जा रही हैं, लेकिन फिर भी छात्रों का कोरोना संक्रमित होना स्कूल प्रबंधक व अभिभावकों के लिए चिंता की बात बन गई है.


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गाजियाबाद के सीएमओ ने बताया कि 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है.  जिले के 15 से 18 वर्षीय किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज सौ फीसदी लगाई जा चुकी है, जबकि 61.55 फीसदी किशोरों को दोनों डोज लगाई जा चुकी है. वहीं, 12 से 14 वर्ष के 40.54 फीसदी बच्चों को पहली डोज लगाई गई है. अब इस उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए स्कूलों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे ताकि सभी बच्चों को वैक्सीन लग सके. वहीं, इस आयु वर्ग को टीके की दूसरी डोज 13 मई से लगनी शुरू होगी.

सभी जरूरी कदम उठाएंगे: केजरीवाल 

मंगलवार को दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और फिलहाल घबराने की कोई बड़ी वजह नहीं है.

केजरीवाल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

केजरीवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं. अभी घबराने की कोई बड़ी वजह नहीं है. हम स्थिति के मुताबिक, सभी जरूरी कदम उठाएंगे.’

फिक्र की कोई बात नहीं है: सत्येंद्र जैन

सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली सरकार कोविड की स्थिति पर नज़र रख रही है और जब तक कोरोनावायरस के नए चिंताजनक स्वरूप का पता नहीं चलता, तब तक फिक्र की कोई बात नहीं है.

जैन ने कहा था, ‘दिल्ली में दैनिक मामले 100-200 के बीच आ रहे हैं. हम अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज़ों पर नज़र रख रहे हैं, और इनकी संख्या कम हो रही है. फिलहाल संक्रमण दर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.’


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