scorecardresearch
Thursday, 13 June, 2024
होमशासनचूहों की खुराफ़ात: दारू पिए, पैसे कुतरे और तीन मंजिला इमारत तक गिराई

चूहों की खुराफ़ात: दारू पिए, पैसे कुतरे और तीन मंजिला इमारत तक गिराई

Text Size:

बिहार के दरभंगा में एक परिवार ने आरोप लगाया कि आईसीयू में भर्ती उनके नवजात को चूहों ने कुतर कर जख्मी किया, जिससे उसकी मौत हो गई. दिप्रिंट ने अलग-अलग समय में चूहों की खुराफ़ात पर नज़र डाली है.

नई दिल्ली: पिछले हफ़्ते बिहार के दरभंगा में सरकारी अस्पताल के आईसीयू में 8 दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई थी. उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि चूहे के काटने से उसकी मौत हुई थी. हालांकि अस्पताल के अधिकारियों ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया और कहा कि माता-पिता ने सूई के निशान को चूहा काटने का निशान समझ लिया था.

चूहों के काटने से हुए बुखार से मौत कभी-कभार होती है और आमतौर पर तब होती है जब रोग का इलाज नहीं किया जाता है. लेकिन चूहों को पशु साम्राज्य में सबसे ज्यादा हानिकारक जीव के रूप में पहचाना जाता है. और ये इसलिए कि चूहे के लिए कुतरना एक मज़बूरी है क्योंकि उनके दांत लगातार पूरे जीवन बढ़ते रहते हैं और लगातार चबाने से दांतों को घिसने में मदद मिलती है.

अब दरभंगा अस्पताल नवजात की मौत की जांच कर रहा है. इस बीच दिप्रिंट उन सभी वाकयों को याद कर रहा है जब चूहों के कुतरने ने सुर्खियां बटोरी. जब अदने चूहों ने पूरी बिल्डिंग को ही गिरा दिया है! पर हमको यह स्वीकार करना होगा कि कम से कम एक बार उनके साथ बहुत नाइंसाफी हुई-उन पर लगे आरोप झूठ निकले.

शरारती लुटेरे

इसी साल सितंबर में एक दिन शामली पुलिस को बैंक में चोरी का पता वहां के अलार्म बजने से चला. पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची. पर वहां पुलिस ये देख सकते में आ गई कि कोई ताला नहीं टूटा मिला और न ही कोई पैसे चोरी हुए थे. पुलिस को ये पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ी कि आखिर किस कारण अलार्म बजा. और उन्हें इसके पीछे हाथ मिला चूहों के झुंड का.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

दीवार तोड़नेवाले

लुधियाना में अचानक गिल चौक फ्लाईओवर का स्लैब गिरने की गुत्थी लोगों को समझ नहीं आई. तो एक चार सदस्यीय जांच बैठाई गई जिसने निष्कर्ष निकाला कि खराब इंजीनियरिंग का इसमें कोई दोष नहीं था बल्कि जहां पर घटना घटी थी उस जगह को चूहों ने अपने बिल बना कर खोखला कर दिया था.

‘सोने की खुदाई’

रिपोर्टों के मुताबिक असम के तिनसुकिया में चूहों ने एक एटीएम मशीन में घुस कर 12 लाख रुपये के नोट कुतर डाले. इनमें 2000 और 500 के नोट शामिल थे. चूहों ने तार के लिए बनाए गए छेद का इस्तेमाल कर एटीएम में घुसपैठ की. पुलिस को कुतरे नोटों के बीच एक मरा चूहा भी मिला और उस शहीद चूहे ने उस दिन इंटरनेट पर घूम मचा दी.

घर तोड़ने वाले

आगरा में मनकामेश्वर मंदिर के पास बहुत से चूहे आराम से एक तीन मंज़िली इमारत में रहने लगे. ये तो ठीक था पर जब तक उन्होंने इमारत को गिरानी की सोची. उन्होंने इसकी नींव खोद डाली जिस के कारण अप्रैल में बिल्डिंग ढह गई. माना जाता है कि इमारत के गिरने का किसी ने वीडियो भी बनाया हुआ था.

आंख खाने वाले

अप्रैल में मुंबई के अस्पताल में अचेत अवस्था में भर्ती एक मरीज़ की एक आंख चूहे ने कुतर डाली. अस्पताल प्रबंधन ने हालांकि चूहे द्वारा मरीज़ की आंख कुतरे जाने से इनकार किया था और कहा है कि यह अस्पताल को बदनाम करने की साजिश है.

शराबख़ोर

बिहार के चूहे दिन भर कुतर-कुतर कर अपनी थकान दूर करने के लिए दारू का सहारा लेते है, कम से कम प्रशासन तो यही बताना चाहता है. 2015 से बिहार में शराबबंदी लागू है. तब से अब तक लाखों लीटर शराब बरामद की जा चुकी है.

इस साल एक्साइज़ डिपार्टमेंट के गोदाम में रखी गई बीयर के लगभग 200 केन खाली पाए गए. पुलिस ने कैन के ढ़क्कन पर गोल छेदों को इस बात का प्रमाण बताया कि हो न हो चूहों ने ही सारी बीयर गटक डाली है.

इसी प्रकार की कहानी 2017 में देखने को मिली थी. खबर थी कि नौ लाख लीटर से अधिक शराब गायब हो गयी. इन दोनों मामलों की जांच के आदेश दिये गये. और दोनों बार विशेषज्ञो का कहना था कि चूहे इतनी शराब गटक ही नहीं सकते.

इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

share & View comments