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Wednesday, 17 July, 2024
होमफीचरविवेक बिंद्रा ने भारत के भटके हुए युवाओं को कैसे अंबानी-जुकरबर्ग बनने के सपने बेचे

विवेक बिंद्रा ने भारत के भटके हुए युवाओं को कैसे अंबानी-जुकरबर्ग बनने के सपने बेचे

बिंद्रा की पत्नी यानिका का अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है. उनके फॉलोअर्स में अब गुस्सा बढ़ रहा है जो चाहते हैं कि बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सलाखों के पीछे हों.

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नई दिल्ली: यह है सच्चे प्यार का मतलब — इंटरनेट पर एक सप्ताह पहले अपलोड किए गए 53 सेकंड के टीज़र का यह शीर्षक है जिसमें मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा इस्कॉन के गौरंगा दास से पूछ रहे हैं, “क्या सम्मान देना प्यार के बराबर है.” वीडियो का अंत बिंद्रा की एक तस्वीर के साथ होता है, जिसमें वो दर्शकों की तरफ अपनी तर्जनी उंगली से इशारा करते हुए मुस्कुराते हैं और एक संदेश देते हैं, जिसमें 10 दिन के एमबीए कोर्स का वादा किया गया है.

इस क्लिप को अब तक 127K बार देखा जा चुका है और कई कॉमेंट्स में कहा गया है, “मैं बिंद्रा के साथ हूं”. यह हालिया विवादों पर आई प्रतिक्रिया है — धोखाधड़ी के आरोपों से लेकर पत्नी के खिलाफ घरेलू हिंसा तक — मोटिवेशनल स्पीकर अब फंस गए हैं.

बिंद्रा को ऑनलाइन फॉलो करने वाले लोगों की संख्या लाखों में है. उन्हें सुनने वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बेहिसाब है. यूट्यूब पर बहुत अधिक लोकप्रिय सेल्फ हेल्प इन्फ्लुएंसर ट्यूशन-उद्यमियों, फर्जी मोटिवेशनल और आकांक्षी स्पीकर्स की संख्या समकालीन भारत में एक परेशान करने वाली नई घटना है. कई मायनों में वे भारत के नए गॉडमैन हैं, जो आपको अपने स्मार्ट फोन पर दिखाई देते हैं. उनके कंटेंट डोमेन ज्ञान पर कोई जांच नहीं होती है और उनके वफादार फॉलोअर्स उनकी ठीक से जांच भी नहीं करते हैं.

बिंद्रा जो दिखाते हैं वह अंबानी-जुकरबर्ग के सपनों, भगवत गीता से ज्ञान और एमबीए शब्दजाल का एक आकर्षक मिश्रण है.


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विवाद

बिंद्रा और उनकी कंपनी — बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड (बीबीपीएल) पर जल्दी अमीर बनने के सपनों का वादा करने वाले क्लिकबैट विज्ञापन बनाने का आरोप लगाया जा रहा है और वह इसे 80,000 रुपये तक के अधूरे एमबीए प्रोग्राम और बिजनेस कंसल्टेंसी कोर्स के वादे के जरिए करते हैं. एक नया 10 दिन का एमबीए कोर्स हाल ही में लांच किया गया है. वह अपने लक्षित दर्शकों को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं. एक वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि भारत में 25 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स नौकरी की तलाश में हैं और उनके सामने सबसे बड़ी समस्या स्किल्स की कमी है और BBPL कोर्स बेचने के लिए OYO के रितेश अग्रवाल, अभिनेता विवेक ओबेरॉय और पतंजलि के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण के नामों का उपयोग करता है. इन हस्तियों का ज़िक्र करने वाले विज्ञापनों में कहा गया है, जिनके बारे में लोग पढ़ते हैं, वो हमारे यहां पढ़ाते हैं.

दिल्ली में ओखला एनएसआईसी के पास बिंद्रा का ऑफिस | फोटो: कृष्ण मुरारी/दिप्रिंट
दिल्ली में ओखला एनएसआईसी के पास बिंद्रा का ऑफिस | फोटो: कृष्ण मुरारी/दिप्रिंट

दिप्रिंट ने फोन और ई-मेल के जरिए बिंद्रा से संपर्क किया लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कॉमेंट्स के ऑप्शन को भी बंद कर दिया है, हालांकि, वे रोज़ाना मोटिवेशनल वीडियो पोस्ट कर रहे हैं.

बीबीपीएल के चीफ मार्केटिंग अधिकारी इशान गोयल ने कंपनी द्वारा धोखाधड़ी के सभी आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा, “हम सभी नियमों का पालन करते हैं और हमारे पास रिफंड नीति भी है, जिन्हें कोर्स पसंद नहीं आता, वो रिफंड अप्लाई करते हैं और उन्हें समय पर पैसे वापस मिल जाता है.”

लेकिन यह सिर्फ शिक्षा धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा के आरोप नहीं हैं जिन्होंने बिंद्रा को परेशानी में डाला है. पिछले साल, ये इन्फ्लुएंसर जाति संबंधी बहस में कूद पड़ा. तभी उसके सावधानी से बनाए गए ब्रांड को पहला झटका मिला था.

न्यूज़ पोर्टल लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बिंद्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का बौद्धिक वर्ग है. उन्होंने कहा, “शूद्र समाज का सहायक वर्ग है. वह माइनस 1 हो सकते हैं, लेकिन नंबर 1 नहीं हो सकते. शूद्रों को नेता मत बनाइए.”

बिंद्रा को अपने एक वीडियो में गुरु गोबिंद सिंह की तस्वीर के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. उन्होंने सिख गुरु के एक एनीमेशन का इस्तेमाल किया जिसने समुदाय को नाराज कर दिया. हालांकि, बाद में उन्होंने इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात का हवाला देते हुए माफी मांगी थी.

2018 में उन पर एक वीडियो में डॉक्टरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने उन पर 50 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था, लेकिन कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आज़ादी का हवाला देते हुए बिंद्रा के पक्ष में फैसला सुनाया था.


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झूठे सपने और वादे

बिंद्रा अपने वीडियो में लोगों को हकीकत से परे ज़िंदगी दिखाते हैं, वे विशेष रूप से 18-25 वर्ष के उम्र के लोगों को टारगेट करते हैं. बिंद्रा के एक पूर्व सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया, “वह बार-बार सफल लोगों की कहानियां सुनाते हैं और आश्वासन देते हैं कि अगर वे उनके साथ जुड़े रहे, तो वह उन्हें अंबानी और जुकरबर्ग की तरह सफल बना देंगे.”

बिंद्रा वो ज़िंदगी जी रहे हैं जिसका उन्होंने अपने सब्सक्राइबर्स से वादा किया था. नाम न छापने की शर्त पर उनके एक करीबी सहयोगी ने कहा, मोटिवेशनल स्पीकर नोएडा के आलीशान इलाके में रहते हैं और उन्हें मालदीव के द्वीपों पर समय बिताना पसंद है. उनके पास वोल्वो XC90 SUV, मर्सिडीज बेंज JLC SUV और BMW X7 जैसी कारें हैं. अप्रैल में बिंद्रा ने अपने जन्मदिन पर दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें बॉलीवुड गायक बी प्राक ने परफॉर्म किया था.

बिंद्रा के फॉलोअर 26-वर्षीय बिजेंद्र चौधरी यह जानकर हैरान रह गए कि मोटिवेशनल स्पीकर घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे थे. चौधरी ने पहली बार 2017 में बिंद्रा को सुना था और अलग-अलग विषयों और व्यवहार पर बिंद्रा की स्पष्टता से वे काफी प्रभावित हुए थे.

बिंद्रा के एक पूर्व सहयोगी ने कहा कि वे बार-बार सफल लोगों की कहानियां सुनाते हैं और आश्वासन देते हैं कि अगर वे उनके साथ जुड़े रहे तो वह उन्हें अंबानी और जुकरबर्ग की तरह सफल बना देंगे.

चौधरी जैसों के लिए बिंद्रा के बारे में नए खुलासों को समझना मुश्किल है. उनका भरोसा अटूट था. पूर्वी दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान चलाने वाले चौधरी ने निराश होकर कहा, “अब हम जानते हैं कि एक सफल आदमी अच्छा दिखता है, लेकिन कोई भी उसे अंदर से नहीं जानता है. लोग बाहरी इमेज से प्रेरित होते हैं. वे लोगों के सामने अच्छे बन जाते हैं क्योंकि यही उनका काम है.”

राजस्थान के रहने वाले सचिन बजाज 11 महीने पहले बिंद्रा के बारे में खुलासा करने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो बनाया था. बिंद्रा की कंपनी ने उन पर कंटेंट हटाने के लिए काफी दबाव डाला था.

जयपुर में रहने वाले डायरेक्ट सेल्स पर्सन बजाज ने दिप्रिंट को बताया, “सैकड़ों धोखा खाए लोग मेरे पास आ रहे थे, जिनमें चाय बेचने वाले और दिहाड़ी मजदूर भी शामिल थे, जो कर्ज लेकर बिंद्रा के कोर्स खरीद रहे थे.”

2016 में बजाज ने दिल्ली और जयपुर दोनों में बिंद्रा के कुछ सेशन में भाग लिया, जिसके टिकटों की कीमत 2,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच थी. कारोबार बढ़ाने के तकनीकी उपकरणों के बारे में बात करने के बजाय, बिंद्रा ने उन्हें बताया कि आप अंबानी या जुकरबर्ग कैसे बन सकते हैं. बजाज ने कहा, “मैंने तीन सत्रों में भाग लिया और आश्चर्यचकित रह गया कि तीनों में एक ही सामग्री परोसी गई.”

इन कोर्स के लिए, बीबीपीएल कर्मचारी व्हाट्सएप पर संभावित लोगों तक पहुंचते हैं और कई मामलों में भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाता है. अब, ये स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं और लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं.


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पीड़ितों की आपबीती

कानपुर निवासी और पेशे से सीए हर्षित गुप्ता अपने क्लाइंट्स को बढ़ाने के लिए स्किल सीखने की आस में बिंद्रा से जुड़े. उन्होंने 83,000 रुपये का भुगतान करके इंडिपेंडेंट बिजनेस कंसल्टेंट (आईबीसी) प्रोग्राम ज्वाइन किया और तीन दिन की ट्रेनिंग के लिए फरवरी में दिल्ली आए.

दिल्ली में प्रोग्राम में जो कुछ हुआ, वह किसी भी प्रोफेशनल कोर्स के जैसा नहीं था जो कैरियर में उन्नति का वादा करता हो.

सेशन में बिंद्रा के आने से पहले उनके स्टाफ ने किसी रियलिटी टीवी शो जैसा माहौल बना दिया, लोगों से ताली बजाने, चिल्लाने और अपने फोन की टॉर्च जलाने के लिए कहा.

गुप्ता ने कहा, “इन वीडियो में आप जो कुछ भी देखते हैं वह सब स्क्रिप्टेड (पहले से तय) होता है.”

गुप्ता को पेशेवर रूप से लाभ पहुंचाने वाला ज्ञान देने के बजाय, बिंद्रा ने केवल सफल लोगों के जीवन के बारे में बात की, वह जानकारी दी जो पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और सब कुछ नाटकीय अंदाज़ में बताया.

बिंद्रा के एक कोर्स में दाखिला लेने वाले हर्षित गुप्ता कहते हैं, “मुझे बताया गया था कि हमें क्लाइंट्स मिलेंगे ताकि आय बढ़ सके, लेकिन हमें सेल्समैन बना दिया गया और बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के कोर्स बेचने के लिए कहा गया.”

बीबीपीएल ने इन लोगों से कहा कि अगर वे कंपनी के कोर्स बेचेंगे तो उन्हें 33 फीसदी कमीशन दिया जाएगा. ट्रेनिंग सेशन के दूसरे दिन को याद करते हुए, गुप्ता ने कहा कि उन्हें “ब्रेक जीरो सेल” करने के लिए कहा गया था यानी की — पहली बिक्री. उन्होंने बताया, “ग्राहक न मिलने पर हमें इन कोर्स को अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम पर ही खरीदने को कहा गया.”

इसके बदले में जो लालच दिया गया, वो था विवेक बिंद्रा के साथ फोटो खिंचवाने का.

300 के बैच में से लगभग 100 लोगों ने “ब्रेक जीरो सेल” पूरी की, लेकिन दिन के अंत में उन्हें ठगा हुआ महसूस हुआ.

आईबीसी कोर्स ऑनलाइन ट्रेनिंग, वीडियो लेक्चर्स, लाइव वेबिनार और असाइनमेंट प्रदान करवाता है. आईबीसी और बीबीपीएल द्वारा प्रदान किए जाने वाले अन्य कोर्स में आमतौर पर कोई तय कोर्स नहीं होता. इसके बजाय, वे “प्रति माह एक से 10 लाख रुपये कमाने का अवसर” और “बिंद्रा के डिजिटल वेबिनार और यूट्यूब वीडियो में पहचाने जाने का अवसर” का वादा करते हैं.

इस साल Billionaire’s Blueprint प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि डॉ. विवेक बिंद्रा की यह पहल भारतीय उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे हमारे देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और यह कोर्स हमारे देश में उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को बदल देगा.

सफलता हासिल करने की चाहत से भरे हज़ारों बेरोज़गार/अल्परोज़गार युवा बिंद्रा और उनके वादों की ओर आकर्षित होते हैं.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी 30-वर्षीय शिव कुमार, जो हरियाणा में एक प्राइवेट कंपनी में फैसिलिटी मैनेजमेंट की नौकरी करते हैं और आगे बढ़ने के लिए कुछ स्किल्स सीखना चाहते थे. वह उन्हें बिंद्रा के बीबीपीएल में ले गया. उन्होंने अक्टूबर 2021 में 30,000 रुपये का बिजनेस कोचिंग प्रोग्राम (बीसीपी) कोर्स खरीदा, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी.

बिंद्रा की कंपनी बीसीपी को “दुनिया का सबसे किफायती उद्यमी शिक्षा ट्रेनिंग प्रोग्राम” बताती है, जो एसएमई को बड़ा व्यवसाय करने में मदद करता है.

कुमार ने गुस्से में कहा, “मैं एक जॉब-ओरिएंटेड प्रोग्राम चाहता था ताकि मैं अपने स्किल्स में सुधार कर सकूं, लेकिन ये कोर्स पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर केंद्रित थे, जिसके लिए मुझसे 30,000 रुपये की बड़ी राशि ली गई थी.” कुमार ने कोर्स में दाखिला लेने के लिए 2021 में कर्ज़ लिया था और अब वह अपना पैसा वापस चाहते हैं.


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पर्दाफाश और आक्रोश

जिन लोगों ने इन कोर्स के लिए भुगतान किया, वे एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर आकर कह रहे हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है. अब वे बिंद्रा को फ्रॉड बताते हुए पीएम मोदी से लेकर कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल और आरबीआई तक को टैग कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर न्याय की मांग करने वाले अधिकांश पीड़ित बिंद्रा और उनकी कंपनी पर कोर्स के हिस्से के रूप में वादा किया गया स्पेशल स्किल प्रदान नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं. बल्कि उनसे बीबीपीएल के लिए क्लाइंट्स बनाने को कहा गया है.

करियर360 के संस्थापक और एक्स पर बिंद्रा का भंडाफोड़ करने वाले महेश्वर पेरी ने कहा कि लोग सफलता हासिल करने के लिए शॉर्टकट ढूंढते हैं. उन्होंने कहा, “बिंद्रा जैसे लोग लोगों को लुभाने और अनुचित वादे करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ भाषा कौशल का उपयोग करते हैं.” इस प्रकार की धोखाधड़ी की पहचान करना बहुत आसान है.

उन्होंने कहा, “बुनियादी शोध इन झूठों को उजागर कर सकता है, लेकिन स्टूडेंट्स पढ़ना और खोजना नहीं चाहते. वे उस पर विश्वास करते हैं जो उन्हें दिखाया जाता है.”

पेरी ने कहा कि बिंद्रा ने उनका ध्यान तब खींचा जब उन्होंने ‘भारत में नौकरी की तलाश कर रहे 25 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स’ के लिए 10-दिवसीय एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया.

पेरी के लिए सबसे खास बात बीबीपीएल के वित्तीय विवरण थे. बिंद्रा की कंपनी ने दो वित्तीय वर्षों में जो 308 करोड़ रुपये कमाए, उनमें से एक बड़ा हिस्सा – 227 करोड़ रुपये non-refundable फ्रेंचाइजी फीस के रूप में आया.

पेरी ने कहा कि बिंद्रा मार्केटिंग कोर्स बेचने के लिए ‘एमबीए’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि एमबीए के नाम पर लाखों लोगों को इकट्ठा किया जा सकता है.

बिंद्रा ने एक वीडियो में इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने अपने वीडियो में दावा किया और संदीप माहेश्वरी को चुनौती दी, जिन्होंने उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, “अर्नस्ट एंड यंग हमारी कंपनी का ऑडिट करता है. हमारे सिस्टम में कोई विसंगतियां नहीं हैं.”

इसके बजाय, उन्होंने उन लोगों पर दोष मढ़ दिया जिन्होंने उनके कोर्स खरीदे थे, यह कहते हुए कि कुछ आईबीसी ने पैसा कमाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया और बीबीपीएल ने ऐसी विसंगतियों पर नज़र रखने के लिए एक नया विभाग बनाया है.

करियर360 के संस्थापक महेश्वर पेरी ने कहा, बिंद्रा जैसे लोग लोगों को लुभाने और अनुचित वादे करने के लिए पूरे विश्वास के साथ भाषा कौशल का उपयोग करते हैं.

बिंद्रा की लोकप्रियता पिछले दस साल में तेज़ी से बढ़ी है जब उन्होंने 2014 में यूट्यूब पर एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में वीडियो बनाना शुरू किया. इंस्टाग्राम पर 3.9 मिलियन फॉलोअर्स, फेसबुक पर 10 मिलियन और यूट्यूब पर 21.4 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ, उनका बोला गया हर शब्द मायने रखता है. अपने सब्सक्राइबर्स का उत्साह बढ़ाने के लिए बिंद्रा मोटिवेशनल नारे लगाते हैं. उनकी ट्रेडमार्क दहाड़ है, “I can, I will, bounce back.”

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में समाजशास्त्र के प्रोफेसर सुरिंदर जोधका ने कहा, “इस तरह की धोखाधड़ी का कारण देश में आकांक्षी क्रांति है. हाइपर मीडिया के संपर्क ने लोगों को सपने देखने पर मजबूर कर दिया है. बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन हकीकत कड़वी है. हर कोई ज़िंदगी में आगे बढ़ने के रास्ते तलाश रहा है, लेकिन उन्हें सच बताने वाला कोई नहीं है. इसलिए वो अपने आप जोखिम उठा रहे हैं और धोखाधड़ी में फंस रहे हैं.”

जोधका ने कहा, मध्यम वर्ग की आकांक्षा एक नार्म बन गई है और तकनीक ने इसे और भी आसान बना दिया है.

डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में मानव विज्ञान के प्रोफेसर राजेश गौतम ने कहा, “भारत में 10-35 वर्ष आयु वर्ग की एक बड़ी आबादी है और यह आयु वर्ग बहुत जीवंत (वाइब्रेंट) है और इसे जोड़े रखने की ज़रूरत है. पिछले कुछ सालों में देश संस्थागत रूप से कमजोर हुआ है. लोगों में बेरोज़गारी और निराशा बढ़ी है, इसलिए लोग आसानी से घोटालेबाजों के चंगुल में फंस रहे हैं.”


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बिंद्रा दरबार में मंत्री, निजी जीवन

बिंद्रा का नाम पिछले कुछ सालों में बड़ा हो गया है और उनके शो के मेहमानों में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, डॉ. जितेंद्र सिंह, अभिनेता पीयूष मिश्रा, राजपाल यादव, गायक जुबिन नोटियाल, क्रिकेटर गौतम गंभीर, कॉमेडियन कपिल शर्मा और बाबा बागेश्वर शामिल हैं. सभी उनके शो द बड़ा भारत में नज़र आ चुके हैं.

द बड़ा भारत शो के एक एपिसोड में पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने बुनियादी ढांचे की कमी के लिए सीएम केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया. पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “सरकार के पास पैसा नहीं है. जब आप सब कुछ मुफ्त में बांट देंगे तो बुनियादी ढांचे पर खर्च कैसे करेंगे.” बिंद्रा के शो में ही गंभीर ने कहा था कि जब तक सीमा पार आतंकवाद खत्म नहीं हो जाता, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं होनी चाहिए.

बिंद्रा के करीबी लोगों ने कहा कि वह अपने कोर्स में बड़े चेहरों को आमंत्रित करके अपनी ब्रांड इमेज को बढ़ाते हैं. बिंद्रा के एक पूर्व सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया, “कार्यक्रमों में मशहूर हस्तियों को आमंत्रित करना एक तय रणनीति का हिस्सा रहा है ताकि लोगों का बिंद्रा पर भरोसा बढ़े और उस भरोसे के आधार पर वे उनसे जुड़ें.”

यूट्यूब पर उन्होंने क्रिकेट, धर्म, अर्थव्यवस्था, विदेशी मामले, वार्षिक बजट, जनसंख्या वृद्धि और यहां तक कि अडाणी पर भी वीडियो बनाए हैं. इन वीडियो में वह ऊंची आवाज़ में बोलते नज़र आते हैं और अपनी बात रखने के लिए ग्राफिक्स और एनिमेशन का भरपूर इस्तेमाल करते हैं. यह सब एक प्रेजेंटेशन है, जहां वह खुद को हर विषय पर एक विशेषज्ञ के रूप में पेश करते हैं, कभी-कभी टीवी चैनलों पर भी दिखाई देते हैं.


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पत्नी के साथ हिंसा

बिंद्रा के खिलाफ पत्नी से मारपीट का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो शख्स ‘सफलता’ बेचता है उसकी निजी ज़िंदगी असफल होती है.

बिंद्रा की पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें वह एक प्राइवेट अस्पताल में अपनी चोटें दिखाती नज़र आ रही हैं. क्वात्रा के हाथों पर कटने के निशान, गालों पर सूजन और पैरों पर नीले धब्बे दिखाए देते हैं.

6 दिसंबर को बिंद्रा ने गाजियाबाद के चंदर नगर की रहने वाली यानिका क्वात्रा से शादी की और शादी के अगले ही दिन महिला ने अपने पति के हाथों मारपीट की शिकायत दर्ज कराई. बिंद्रा की यह दूसरी शादी है. उनकी पहली शादी 2010 में गीतिका सबरवाल से हुई थी और कुछ साल बाद उन्होंने भी बिंद्रा पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. इस संबंध में एक मामला फरीदाबाद की अदालत में चल रहा है.

यानिका के भाई वैभव क्वात्रा ने आरोप लगाया कि शादी की अगली सुबह उनकी बहन को बहुत बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित कैलाश दीपक अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल प्रशासन के सूत्रों ने पुष्टि की कि यानिका के शरीर पर कई चोटें थीं और उनके कान पर बुरी तरह से चोटें थीं.

क्वात्रा का परिवार बिंद्रा के खिलाफ आगे की कार्रवाई की योजना बना रहा है, जबकि नोएडा के डीएसपी हरीश चंदर का कहना है कि इन्फ्लुएंसर के खिलाफ 14 दिसंबर को आईपीसी की धारा 323, 504, 427, 325 के तहत एफआईआर दर्ज़ की गई है. सभी ज़मानती अपराध हैं. चंदर ने कहा कि यानिका क्वात्रा के शरीर पर चोट के काफी निशान हैं. यानिका के वकील वासु शर्मा ने दिप्रिंट को बताया कि उनके मुवक्किल का बयान अभी दर्ज़ नहीं किया गया है. चंदर ने कहा, बिंद्रा को जल्द ही बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाएगा.

उनकी कंपनी बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग अधिकारी ईशान गोयल ने कहा, “हम घरेलू हिंसा का मामला नोएडा कोर्ट में ले गए हैं.”

जिन लोगों ने बिंद्रा के कारण अपना पैसा खोया है, वे अब पैसे वापस करने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं. पीड़ितों को लामबंद करने वाले बजाज ने कहा, “बिहार, झारखंड, ओडिशा के लोगों का पैसा फंसा है. हम दिल्ली में योजना बनाएंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे ताकि बिंद्रा को हिरासत में लिया जा सके.”

उन्होंने कहा, “बिंद्रा ने पिछले कई सालों में सोशल मीडिया के जरिए अपना नाम बड़ा किया, अब उन्हें हर कोई गालियां दे रहा है. सोशल मीडिया दोधारी तलवार की तरह है. यह किसी भी समय हमला कर सकता है.”


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महत्वाकांक्षा

यह बिंद्रा की हाई-एनर्ज़ी वाली गहन बातचीत है जो उन हज़ारों युवाओं को आशा देती है जिनका जीवन प्रोफेशनली आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

अपने वीडियो में इन्फ्लुएंसर लोगों को लुभाने के लिए वह शब्दजाल का उपयोग करता है — छोटी सोच, पाओ की मोच, आगे नहीं बढ़ने देती, 5 साल में करोड़पति कैसे बनें, दुनिया का सबसे बड़ा वेबिनार. ये उनके जुमले हैं. उनकी वेबसाइट का दावा है कि वह 12 विश्व रिकॉर्ड प्राप्त करने वाले दुनिया के एकमात्र बिजनेस गुरु हैं.

बिंद्रा शुरू से ही जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते थे. बिंद्रा के एक दोस्त जो उन्हें स्कूल के समय से जानते हैं, कहते हैं, “उन्होंने बहुत मेहनत की है, तभी वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं.”

विभाजन के समय बिंद्रा का परिवार पाकिस्तान से भारत आया था. दिल्ली में एक खत्री परिवार में जन्मे बिंद्रा का बचपन बहुत तनावपूर्ण था और जब वह बहुत छोटे थे तो उनके पिता की मृत्यु हो गई. उन्होंने दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई की और फिर एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से एमबीए की पढ़ाई की. बिंद्रा के एक करीबी दोस्त ने कहा, एमिटी में ही उनका परिचय भगवद गीता से हुआ था.

और हालिया विवादों से उनके दोस्त को कोई हैरानी नहीं है.

उन्होंने कहा, “वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो कुछ पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. वह जल्दी गुस्सा हो जाते हैं और उन्हें अपनी बात मनवाना पसंद है.”

(संपादन : फाल्गुनी शर्मा)

(इस ग्राउंड रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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