नई दिल्ली: एक जनवरी 2027 से दिल्ली में नए डीजल, पेट्रोल और CNG से चलने वाले लाइट गुड्स व्हीकल का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को यह घोषणा की. इन वाहनों पर रोक गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे ज्यादा घनी आबादी वाले जिलों में भी 1 जुलाई 2027 से लागू होगी.
CAQM के सदस्य सचिव तरुण पीथोडे ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमने ये कदम अपनी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और दिल्ली-NCR की सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडी को ध्यान में रखते हुए उठाए हैं. इन रिपोर्टों में बताया गया है कि वाहनों की हर श्रेणी प्रदूषण में कितना योगदान देती है.”
CAQM ने 18 अगस्त को फुल कमीशन की 29वीं बैठक में यह फैसला लिया. बैठक में दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई और कदम भी उठाए गए. इनमें दिल्ली-NCR के आसपास स्टोन क्रशिंग यूनिट्स पर नए प्रतिबंध और चार रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए 3.25 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद शामिल है. इन रिसर्च प्रोजेक्ट्स में सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण, सड़कों की मशीनों से सफाई की तकनीक, ऊंची इमारतों में पार्टिकुलेट मैटर की पहचान/सोर्स अपॉर्शनमेंट और धान के अवशेष जलाने की भविष्यवाणी पर अध्ययन शामिल हैं.
पीथोडे के मुताबिक, CAQM की बैठक में लिया गया सबसे महत्वपूर्ण फैसला पेट्रोल और डीजल वाले लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) के रजिस्ट्रेशन को सीमित करने से जुड़ा था. इन वाहनों में छोटी डिलीवरी वैन, पिकअप ट्रक और 3.5 टन से कम वजन वाले वाहन शामिल हैं. ये वाहन दिल्ली के कुल वाहनों का करीब 1.2 प्रतिशत हैं, लेकिन कुल उत्सर्जन में इनका योगदान करीब 3.3 प्रतिशत है.
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा
CAQM के डायरेक्शन 102 के अनुसार, 2027 से दिल्ली-NCR में नए डीजल, पेट्रोल और CNG वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी और इसकी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जाएगा. यह रोक आगे चलकर 2028 और 2029 में NCR के बाहरी इलाकों तक भी बढ़ाई जाएगी.
पीथोडे ने कहा, “हमने इसे सबसे पहले दिल्ली में लागू किया है, क्योंकि NCR के कई बाहरी इलाकों में अभी EV के लिए पर्याप्त क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है. इसलिए हम इस निर्देश को चरणबद्ध तरीके से लागू करेंगे.”
इसके अलावा, डायरेक्शन 103 दिल्ली-NCR में मौजूद करीब 1,200 स्टोन क्रशिंग यूनिट्स से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य NCR में स्टोन क्रशिंग यूनिट्स के कामकाज में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मौजूदा दिशानिर्देशों को लागू करना है. इसमें सभी यूनिट्स से निकलने वाले PM10 और PM2.5 प्रदूषण की रिमोट निगरानी, CAQM के सेंट्रल कमांड रूम से लाइव फीड जोड़ना और चलते वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सभी ट्रकों के पहियों की धुलाई शामिल है.
ये कदम 2021 में NCR के निर्माण स्थलों पर CAQM द्वारा लागू किए गए नियमों जैसे ही हैं.
अंत में, CAQM की बैठक में बताया गया कि 10 अगस्त 2026 तक दिल्ली-NCR में 1,800 से ज्यादा यूनिट्स को प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने पर एनफोर्समेंट टास्क फोर्स ने बंद किया. इनमें से करीब 1,461 यूनिट्स को नियमों का पालन करने के बाद दोबारा खोलने की अनुमति दी गई.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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