काठमांडू: 26 अगस्त को उत्तरी नेपाल में आई अचानक बाढ़ में घायल होने के बाद बचाए गए 31 लोगों को काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल लाया गया है. इनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है. काठमांडू जिला पुलिस ने अस्पताल में एक हेल्प डेस्क भी बनाया है, जहां लापता रिश्तेदारों की तलाश कर रहे परिवार अपने नाम दर्ज करा सकते हैं.
त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग अस्पताल (TUTH) के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. गोपाल सेडैन ने कहा, “पहले मरीज कल दोपहर करीब एक बजे आना शुरू हुए और हमने उनके लिए अलग वार्ड बनाए हैं. अगर उनकी हालत बहुत गंभीर होती है तो उन्हें ICU में भेजा जाता है. अगर चोटें सामान्य से लेकर हल्की होती हैं, तो इमरजेंसी वार्ड में पीले, लाल और हरे जोन बनाए गए हैं.”
TUTH में भर्ती 31 लोगों में से छह इस समय ICU में वेंटिलेटर पर हैं, जबकि 13 इमरजेंसी रूम में हैं. अस्पताल में मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, ER में भर्ती एक व्यक्ति भारत का है. 43 साल के इस व्यक्ति का नाम नवलेश शर्मा है. बाकी सभी नेपाली नागरिक हैं. शर्मा अभी भी बेहोश हैं और अधिकारियों ने बताया कि अभी तक उनके परिवार से कोई अस्पताल नहीं पहुंचा है.
भर्ती किए गए तीन मरीजों को गुरुवार सुबह उनके परिवारों के पास भेज दिया गया. वहीं, ग्रीन वार्ड में भर्ती दूसरे मरीज अपने परिवार और देखभाल करने वालों का इंतजार कर रहे हैं.
इस बीच, अस्पताल के प्रवेश द्वार के बाहर भर्ती मरीजों की दो अलग-अलग सूचियां लगाई गई हैं—एक अंग्रेजी में और दूसरी नेपाली में. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि TUTH पहुंच रहे बड़ी संख्या में लोग आसानी से अपने परिजनों की पहचान कर सकें.
सेडैन ने कहा, “ज्यादातर लोग शरीर पर चोट लगने के साथ आ रहे हैं. कुछ लोगों की हड्डियां टूट गई हैं और त्वचा व चेहरे पर कट लगे हैं. बाढ़ में बह जाने के कारण कई लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई.”
नेपाल पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों में तीन महीने का एक बच्चा और तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है. अस्पताल में घायल 31 लोगों के अलावा 10 और बचाए गए लोगों को भी अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने पर ही मृत घोषित कर दिया.
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की गुरुवार सुबह जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 165 शव बरामद किए जा चुके हैं और 73 लोग घायल हुए हैं. घायलों में 43 रसुवा, 27 नुवाकोट और तीन धादिंग के हैं. सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं.

लापता लोगों की सूची
TUTH में पुलिस हेल्प डेस्क के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी थी. यहां काठमांडू के लायंस क्लब के अधिकारी और स्वयंसेवक बाढ़ में लापता लोगों के नाम लिख रहे थे.
जो लोग सूची में अपने रिश्तेदारों का नाम नहीं ढूंढ पा रहे थे, उनके नाम दर्ज करने के लिए नेपाल पुलिस और काठमांडू जिला पुलिस के तीन अधिकारी रजिस्टर लेकर बैठे थे. वे लोगों के नाम, उम्र और आखिरी बार कहां देखे गए थे, इसकी जानकारी लिख रहे थे.
27 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक हेल्प डेस्क पर 500 से ज्यादा नाम दर्ज किए जा चुके थे. इनमें नेपाली नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों शामिल थे, जो बाढ़ से प्रभावित उत्तरी और मध्य नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में लापता हुए अपने दोस्तों और परिवार के लोगों की तलाश कर रहे थे.

काठमांडू के रहने वाले पदम बहादुर राउत के भाई का नाम TUTH में भर्ती लोगों की सूची में नहीं था.
27-वर्षीय राउत ने कहा, “मेरा भाई रसुवा के पास तिमुरे में कस्टम विभाग में काम करता है. वह कल सुबह 8 बजे से लापता है और मैं उसे ढूंढने के लिए लगातार अलग-अलग जगह जा रहा हूं.”
NDRRMA के मुताबिक, बाढ़ के बाद से 910 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है. इनमें 517 विदेशी नागरिक हैं, जो ट्रेकिंग या तीर्थयात्रा के लिए इन जिलों में गए थे.
नेपाल सरकार NDRRMA के जरिए नेपाली नागरिकों, विदेशी नागरिकों और विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन चला रही है, जहां लोग लापता लोगों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस बीच सेना का बचाव अभियान भी जारी है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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