Sunday, 26 June, 2022
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कोर्स पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय, ऑन-जॉब ट्रेनिंग को मान्यता—IGNOU की डिग्री में अग्निवीर के लिए क्या होगी सुविधा

50% क्रेडिट स्कोर उनके सैन्य प्रशिक्षण के आधार पर होगा, बाकी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. प्रशिक्षण पूरा करने में असमर्थ रहने वाले रंगरूट डिग्री पाने के लिए अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं.

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नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की तरफ से केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों के लिए शुरू किया जा रहा तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम सेना, नौसेना और वायु सेना में उन्हें हासिल कौशल प्रशिक्षण, और यूनिवर्सिटी में उनकी पढ़ाई दोनों को मान्यता देगा. इग्नू के अधिकारियों ने दिप्रिंट को यह जानकारी है.

अधिकारियों ने बताया कि जहां सैन्य सेवा वर्षों के दौरान उनके द्वारा हासिल कौशल को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, वहीं स्नातक डिग्री का 50 प्रतिशत वेटेज यूनिवर्सिटी में उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में कराई जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई युवा अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने में असमर्थ रहता है और उसे यह बीच में छोड़ना पड़ता है तो भी वह इग्नू से डिग्री पाने में सक्षम होगा, बशर्ते यूनिवर्सिटी से अतिरिक्त क्रेडिट मिला हो. अग्निवीरों के लिए पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि तीन वर्ष और अधिकतम छह वर्ष निर्धारित की गई है.

शिक्षा मंत्रालय ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि इग्नू की तरफ से रक्षा मंत्रालय की अग्निपथ योजना के अनुरूप एक नया प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है. अग्निपथ योजना में 17.5 से 21 वर्ष की आयु के बीच युवाओं को चार साल की अवधि के लिए बतौर सैनिक भर्ती किया जाएगा. हालांकि 2022 की भर्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा बाद में बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी गई है.

अग्निवीरों के लिए इग्नू के विशेष पाठ्यक्रम के बारे में बताते हुए यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर श्रीकांत महापात्र ने दिप्रिंट को बताया कि पढ़ाई ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी और स्टडी मैटीरियल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगा.

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उन्होंने बताया, ‘इस प्रोग्राम में छात्रों का नामांकन तभी होगा जब वे सेवा में शामिल हो गए होंगे या बतौर अग्निवीर उनका चयन हो गया होगा, क्योंकि हमारे कार्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 50 प्रतिशत क्रेडिट उनके सैन्य बलों में विशेष प्रशिक्षण पर केंद्रित होगा.’


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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों का पालन करेंगे

महापात्र ने आगे बताया कि शेष क्रेडिट अर्थशास्त्र, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, गणित, शिक्षाशास्त्र, वाणिज्य, पर्यटन, व्यावसायिक अध्ययन, कृषि और ज्योतिष जैसे विषयों से मिलेंगे. अभ्यर्थी अपनी पढ़ाई के लिए भले ही कोई भी विषय चुनें, उन्हें अतिरिक्त कौशल-विकास पाठ्यक्रम के तौर पर कम्युनिकेशन स्किल और इन्वायरमेंटल स्टडी भी पढ़ाया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘यदि किसी कारणवश उन्हें सैन्य सेवाएं बीच में ही छोड़नी पड़ती हैं, तो वे डिग्री हासिल करने के लिए जरूरी कुल 120 क्रेडिट पूरे करने के लिए अतिरिक्त क्रेडिट वर्क के साथ हमारी डिग्री पूरी कर सकते हैं.’

केंद्र सरकार की ओर से 2020 में घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत किसी भी छात्र को स्नातक डिग्री के लिए 120 क्रेडिट स्कोर पाने होते है. इस विशेष कार्यक्रम के एक हिस्से के तौर पर अग्निवीरों को यूनिवर्सिटी से तीन वर्षों तक हर साल 20 क्रेडिट अर्जित करने होंगे, जबकि बाकी की गणना सैन्य बलों में उनके कौशल-आधारित प्रशिक्षण से होगी.

प्रोग्राम में एनईपी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा और रंगरूटों को पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने की अनुमति होगी. एक साल के कोर्स से उन्हें सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा और तीन साल में डिग्री मिलेगी, जो किसी भी अन्य नियमित ग्रेजुएशन डिग्री के बराबर होगी. तीन साल बाद एक अग्निवीर को सामान्य बी.ए. या बीकॉम डिग्री मिलेगी. वे अधिकतम छह वर्षों के भीतर अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं.

महापात्र ने आगे बताया कि इग्नू अब नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीईटी) की तरफ से अग्निवीरों को सैन्य बलों के साथ मिलने वाले कौशल प्रशिक्षण को मान्यता दिए जाने का इंतजार कर रहा है, ताकि उनके क्रेडिट स्कोर को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया जा सके.

उन्होंने कहा, ‘नौकरियों से जो कौशल-आधारित प्रशिक्षण मिलता है, उसे स्वीकार करने से पहले उसे राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के तहत मान्यता मिलना जरूरी होगा.’


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