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Monday, 18 May, 2026
होमएजुकेशनलीक हुआ NEET पेपर ‘फोन में मिला’, लातूर का केमिस्ट्री टीचर और लोकप्रिय यूट्यूबर CBI के शिकंजे में

लीक हुआ NEET पेपर ‘फोन में मिला’, लातूर का केमिस्ट्री टीचर और लोकप्रिय यूट्यूबर CBI के शिकंजे में

इससे पहले पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंडहरे और लातूर के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को महाराष्ट्र के लातूर के एक केमिस्ट्री कोचिंग टीचर को गिरफ्तार किया. आरोप है कि उसने नीट यूजी 2026 का लीक हुआ प्रश्नपत्र परीक्षा से 10 दिन पहले फैलाया था. एजेंसी देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा घोटालों में से एक की जांच कर रही है.

आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर लातूर में रेणुकाई कैमिस्ट्री क्लास चलाता है. उसका एक यूट्यूब चैनल भी है— “Motegaonkar Sir’s RCC”, जिसके 1.68 लाख सब्सक्राइबर हैं.

सीबीआई के अदालत में दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक, उसने 23 अप्रैल को प्रश्नपत्र हासिल किया था, जबकि परीक्षा 3 मई को होनी थी.

सीबीआई के एक सूत्र ने दिप्रिंट को बताया, “जांच में सामने आया है कि शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर नीट यूजी परीक्षा 2026 के पेपर लीक और प्रसार में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है. उसने अन्य आरोपियों के साथ साजिश कर परीक्षा से पहले, यानी 23 अप्रैल 2026 को प्रश्नपत्र और उत्तर प्राप्त किए थे.”

जांच अधिकारियों के अनुसार, 14 मई को छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से लीक पेपर की कॉपियां बरामद हुईं. रविवार शाम उसे पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे दिल्ली ले जाने के लिए सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी.

अपनी रिमांड अर्जी में सीबीआई ने आरोप लगाया कि मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की और लीक पेपर कई लोगों तक पहुंचाया.

अर्जी में कहा गया, “एनटीए से जुड़े सरकारी अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश में शामिल होकर आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लीक प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियां कई लोगों को उपलब्ध कराईं.”

एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि मोटेगांवकर ने उन सभी लोगों के नाम नहीं बताए जिन्हें उसने पेपर दिया था और बाद में सबूत भी नष्ट कर दिए.

सीबीआई ने कहा, “जांच में सामने आया है कि आरोपी ने उन सभी लोगों के नाम नहीं बताए जिन्हें उसने हाथ से लिखी हुई लीक प्रश्नपत्र की कॉपियां दी थीं. जांच में यह भी पता चला है कि परीक्षा के बाद उसने लीक प्रश्नपत्र नष्ट कर दिए, जिससे सबूत मिट गए.”

मोटेगांवकर के वकील गणेश बी. शिरसाट ने कहा कि एजेंसी ने अभी तक साफ नहीं किया है कि उनके मुवक्किल ने कौन सा अपराध किया है.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “उन्हें संगठित अपराध गिरोह का सदस्य बताया गया है, लेकिन बिना किसी स्पष्ट जानकारी के. उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित तौर पर लीक प्रश्न कई लोगों को दिए, लेकिन एजेंसी ने अभी तक इस बारे में कोई विस्तार से जानकारी नहीं दी है.”

सीबीआई ने लातूर और पुणे को 2026 नीट यूजी पेपर लीक का मुख्य केंद्र बताया है.

रविवार की गिरफ्तारी से पहले इसी मामले में दो और गिरफ्तारियां हो चुकी हैं— पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे और लातूर के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी.

दिप्रिंट ने पहले रिपोर्ट की थी कि जांच के अनुसार मंडहरे और कुलकर्णी दोनों एनटीए के विषय विशेषज्ञ पैनल में शामिल थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक संस्थागत पहुंच थी.

एनटीए ने पिछले हफ्ते पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी थी. अब यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा 21 जून को कराई जाएगी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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