गुरुग्राम: हरियाणा सरकार ने राज्यभर में जर्जर घोषित 2,814 स्कूल भवनों और कमरों को गिराने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘School Theek Karo’ अभियान द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत को सामने लाने के कुछ हफ्ते बाद की गई है.
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “सरकार ने पूरे हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 2,814 असुरक्षित ढांचों की पहचान की है. इनमें से कुछ पूरे भवन हैं, जबकि कई मामलों में केवल एक या दो कमरों को गिराने की ज़रूरत है. अब इन ढांचों को गिराने की प्रक्रिया एक तय समय सीमा में पूरी करने का आदेश दिया गया है.”
मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने पिछले हफ्ते सभी अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी. यह वीडियो कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से पहले हुई थी.
अधिकारियों को 30 सितंबर तक चिन्हित भवनों की मौके पर जाकर जांच, उन्हें औपचारिक रूप से जर्जर घोषित करने और गिराने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है.
विभाग ने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी प्रक्रिया में देरी करेंगे या मंजूर बजट का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बच्चे को ऐसे भवन में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसे असुरक्षित या जर्जर घोषित किया गया है. जब तक नए ढांचे नहीं बन जाते, तब तक छात्रों को पास के सरकारी स्कूलों या अन्य सुरक्षित सरकारी भवनों में भेजा जाएगा.
अधिकारियों ने कहा कि सरकार गिराए गए ढांचों की जगह कई मंजिल वाली “वर्टिकल” स्कूल इमारतें बनाने की भी योजना बना रही है. इसका मकसद स्कूलों की ज़मीन को खेल के मैदानों के लिए खाली करना है.
अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तर की समितियों को जर्जर कमरों को “जर्जर घोषित” करने और उनका मलबा खुद नीलाम करने का अधिकार दिया गया है. इसके लिए हर बार वरिष्ठ अधिकारियों से अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी.
ऊपर बताए गए अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ज्यादातर मामलों में पूरे स्कूल भवन को गिराने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ पुराने और जर्जर कमरों को गिराना है.
अधिकारी ने कहा, “कई मामलों में स्कूलों में खाली जगह पर समय के साथ नए कमरे बनाए गए, जबकि पुराने कमरों को नहीं गिराया गया. अब ऐसे कमरे पूरी तरह जर्जर हालत में हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें गिराने की जरूरत है.”
उन्होंने कहा कि जलभराव एक और समस्या है, जिसे विभाग ने समीक्षा के दौरान चिन्हित किया है. अधिकारियों ने बताया कि 647 स्कूलों में मौसम के दौरान जलभराव होता है और 53 स्कूलों में स्थायी जलभराव की समस्या है.
जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे मिट्टी भरने की सामग्री के लिए नए बजट अनुमान तैयार करें और उन्हें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजें, ताकि सरकार अलग से इसके लिए धन मंजूर कर सके.
हरियाणा में सीजेपी के ‘School Theek Karo’ अभियान से जुड़ीं आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य प्रवक्ता अभिता द्विजा ने दिप्रिंट को बताया कि बीजेपी 2014 से राज्य की सत्ता में है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है. उन्होंने सवाल किया कि सीजेपी के इस मुद्दे को उठाने के बाद ही सरकार ने कार्रवाई क्यों की और स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर कार्रवाई करने में इतने साल क्यों लग गए.
द्विजा ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने और स्कूलों के अभियान में हिस्सा लेने के बाद सीआईडी के अधिकारी उनके घर आए और उन्होंने कई जानकारियां मांगीं, जिनमें सरकारी नौकरी करने वाले रिश्तेदारों की जानकारी भी शामिल थी. उन्होंने कहा कि वह यह मुद्दा इसलिए उठा रही थीं क्योंकि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन में शामिल होने वाले नागरिकों को इसके जवाब में निगरानी का सामना नहीं करना चाहिए.
दिप्रिंट ने आरोपों पर उनका जवाब लेने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया से फोन और SMS के जरिए संपर्क किया है. जवाब मिलने पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा.
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