नई दिल्ली: पाकिस्तान सेना ने जुलाई में ब्रिगेडियरों के एक बैच को मेजर जनरल के पद पर प्रमोट किए जाने के बाद वरिष्ठ स्तर पर नियुक्तियों का एक बड़ा दौर शुरू कर दिया है. हाल ही में प्रमोट किए गए कई अफसरों को खुफिया, आंतरिक सुरक्षा और फील्ड कमांड के अहम पदों पर भेजा जा रहा है.
महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर करीब से नजर रखने वाले विश्लेषकों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के संवेदनशील पदों पर ऐसे अफसरों को नियुक्त किया जा रहा है, जिन्हें सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का करीबी माना जाता है और जिन्होंने फील्ड में अच्छा काम किया है. इन अहम नियुक्तियों में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), मिलिट्री इंटेलिजेंस, फ्रंटियर कॉर्प्स और प्रमुख इन्फैंट्री डिवीजनों की पोस्टिंग शामिल हैं, जो भविष्य के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण हैं.
सबसे अहम नियुक्तियों में से एक मेजर जनरल आदिल इफ्तिखार वर्राइच की डायरेक्टर जनरल मिलिट्री इंटेलिजेंस (DG MI) के तौर पर नियुक्ति है. उन्होंने मेजर जनरल वाजिद अजीज की जगह ली है, जो DG, ISI बनने के मजबूत दावेदार हैं.
92 पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी (PMA) लॉन्ग कोर्स के अफसर वर्राइच इससे पहले उत्तरी वजीरिस्तान के मीरानशाह में 7 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे. सूत्रों ने बताया कि यह नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पाकिस्तान के अहम आतंकवाद विरोधी इलाकों में से एक में फील्ड कमांड का सीधा अनुभव लेकर मिलिट्री इंटेलिजेंस व्यवस्था में आ रहे हैं.
तीन बड़े अफसरों की ISI में नियुक्ति
DG, MI की नियुक्ति भले ही सबसे ज्यादा चर्चा में है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस फेरबदल में तीन मेजर जनरलों को ISI में वरिष्ठ और अहम पदों पर भेजा गया है. इसका भारत पर भी असर पड़ सकता है.
11 बलूच की 90 PMA लॉन्ग कोर्स के अफसर मेजर जनरल जवाद रियाज को कराची में डायरेक्टर जनरल पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के पद से हटाकर ISI में DG, Personnel बनाया जा रहा है.
कोस्ट गार्ड्स में उनकी जगह मेजर जनरल आतिफ रफीक लेंगे. वह 95 PMA लॉन्ग कोर्स और 33 पंजाब के नए प्रमोट किए गए अफसर हैं.
32 पंजाब रेजिमेंट के 95 PMA लॉन्ग कोर्स के एक और अफसर मेजर जनरल साजिद महमूद को ISI में DG, Z नियुक्त किया गया है. Z ब्रांच फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) और टेक्नोलॉजी से जुड़े कुछ मामलों को देखती है.
90 PMA लॉन्ग कोर्स के आर्टिलरी अफसर मेजर जनरल मुहम्मद शमरीयाज खान, जो पाकिस्तान रेंजर्स सिंध के डायरेक्टर जनरल थे, को ISI में DG, S बनाया गया है. उनकी जगह की घोषणा अलग से होने की उम्मीद है.
S ब्रांच को स्पेशल ऑप्स डिव भी कहा जाता है. यह पूरे पड़ोस में विशेष अभियानों और प्रॉक्सी संगठनों को देखती है और H ब्रांच के साथ मिलकर काम करती है, H का मतलब हिंदुस्तान है. H ब्रांच बॉर्डर एक्शन टीम और भारत पर केंद्रित आतंकवाद से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालती है.
बलूचिस्तान को FC की 2 कमान
इन बदलावों का एक बड़ा हिस्सा अशांत बलूचिस्तान में वरिष्ठ कमांड पदों के पुनर्गठन से जुड़ा है. बलूचिस्तान में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन भी हुए हैं.
जुलाई में प्रमोट किए गए 95 PMA लॉन्ग कोर्स और 24 आजाद कश्मीर रेजिमेंट के मेजर जनरल जफर इकबाल को इंस्पेक्टर जनरल, फ्रंटियर कॉर्प्स साउथ बलूचिस्तान नियुक्त किया गया है. उन्होंने मेजर जनरल बिलाल सरफराज की जगह ली है.
इसी समय जुलाई में प्रमोट किए गए 95 PMA लॉन्ग कोर्स और 26 बलूच रेजिमेंट के मेजर जनरल अहमद फरहान को नए बनाए गए फ्रंटियर कॉर्प्स वेस्ट बलूचिस्तान का पहला इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है.
नई पश्चिमी FC कमान का बनाया जाना महत्वपूर्ण है क्योंकि बलूचिस्तान पाकिस्तान की सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए सुरक्षा के प्रमुख इलाकों में से एक बना हुआ है. यह प्रांत अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से भी लगा हुआ है.
प्रमुख इन्फैंट्री फॉर्मेशन में बदलाव
यह फेरबदल कई महत्वपूर्ण फील्ड फॉर्मेशन तक भी पहुंचा है. आर्टिलरी के 93 PMA लॉन्ग कोर्स के अफसर मेजर जनरल जिल-ए-हुस्नैन को सियालकोट मुख्यालय वाली 15 इन्फैंट्री डिवीजन का GOC नियुक्त किया गया है. उन्होंने मेजर जनरल साजिद अमीन अवान की जगह ली है.
उनकी नियुक्ति इसलिए खास है क्योंकि वह लगातार दूसरे आर्टिलरी अफसर हैं, जिन्हें इस फॉर्मेशन की कमान दी गई है.
जुलाई में प्रमोट किए गए 95 PMA लॉन्ग कोर्स और 38 फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट के मेजर जनरल वकास कुरैशी ओकारा स्थित 14 इन्फैंट्री डिवीजन के GOC का पद संभालेंगे. उन्होंने मेजर जनरल वसीम इफ्तिखार चीमा की जगह ली है.
92 PMA लॉन्ग कोर्स और 35 आजाद कश्मीर रेजिमेंट के अफसर मेजर जनरल खुर्रम शबीर को 1 कॉर्प्स के तहत खारियां में 17 इन्फैंट्री डिवीजन का GOC नियुक्त किया गया है. उन्होंने मेजर जनरल अजहर यासीन की जगह ली है.
जुलाई में प्रमोट किए गए एक और अफसर मेजर जनरल हसन मेहदी को 15 पंजाब रेजिमेंट और 95 PMA लॉन्ग कोर्स से हैं. उन्हें सेंट्रल कमांड का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया है.
अभी और नियुक्तियां बाकी
मौजूदा बदलाव जुलाई में प्रमोशन के बाद शुरू हुए बड़े स्तर के अधिकारियों के फेरबदल की सिर्फ शुरुआत हैं.
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुलाई में मेजर जनरल के पद पर प्रमोट किए गए 13 इन्फैंट्री ब्रिगेडियरों में से अब तक सिर्फ छह को नई नियुक्तियां मिली हैं. बाकी सात को बाद में जिम्मेदारी दिए जाने की उम्मीद है.
दूसरे सैन्य विभागों में यह बदलाव और ज्यादा बड़ा है.
जुलाई में मेजर जनरल के पद पर प्रमोट किए गए सभी छह आर्टिलरी ब्रिगेडियरों को अभी तक नई जिम्मेदारी नहीं मिली है. वहीं चार आर्मर्ड अफसर, एयर डिफेंस, सिग्नल्स और एविएशन से दो-दो अफसर, चार इंजीनियर और एक ऑर्डनेंस अफसर भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं.
सूत्रों ने कहा कि इसका मतलब है कि सेना में मेजर जनरल स्तर पर नियुक्तियों का एक और दौर देखने को मिल सकता है.
इसलिए मौजूदा दौर सिर्फ अलग-अलग अफसरों की नियुक्तियों की वजह से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे पाकिस्तान सेना के मुख्यालय और फील्ड फॉर्मेशन में बड़े स्तर पर पुनर्गठन शुरू हो सकता है.
कोर कमांडर और GHQ में वरिष्ठ पदों पर अभी और बदलाव होने की उम्मीद है. पोस्टिंग का सिलसिला आगे बढ़ने के साथ DG, ISI और DG, ISPR जैसे पद भी प्रभावित हो सकते हैं.
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