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Wednesday, 24 June, 2026
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आर. माधवन: टीवी शो में ठग और फिल्मों के लवर बॉय से लेकर पद्मश्री तक का सफर

आर. माधवन को साल 2000 में निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘अलाई पायुथे’ से बड़ा ब्रेक मिला था.

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नई दिल्ली: हिंदी, तमिल और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में अपने योगदान के लिए एक्टर आर. माधवन को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया. भारतीय सिनेमा के ‘मैडी’ बनने से पहले वह 1993 में टीवी सीरियलों में काम कर रहे थे. उन्होंने यूल लव स्टोरी के एक एपिसोड में एक ठग (क्रूक) की भूमिका निभाई थी. इस ड्रामा में हर एपिसोड की कहानी और किरदार नए होते थे, लेकिन इसकी थीम किशोर प्रेम कहानियां ही रहती थी.

उसी साल उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई, लेकिन असली पहचान उन्हें ‘बनेगी अपनी बात’ से मिली, जिसमें उनके साथ अरफान खान और शेफाली शाह भी थे. इस शो ने माधवन की ‘लवर बॉय’ वाली छवि बना दी. यह सीरियल कॉलेज लाइफ, प्यार और किशोरों के बड़े होकर नौकरीपेशा बनने की कहानी पर आधारित था. माधवन इसमें एशले अलेक्जेंडर नाम के लवर बॉय का किरदार निभाते थे, जो आखिरी एपिसोड में अपनी प्रेमिका राधा से शादी कर लेता है. राधा का किरदार सुरेखा सूरी ने निभाया था.

इसके बाद उन्होंने 1997 में कॉमेडी शो ‘घर जमाई’ में काम किया. इसमें माधवन मुख्य किरदार मलयातूर सुब्रमण्यम नंबूदिरिपाद यानी ‘सुब्बू’ बने थे. उनके साथ सतीश शाह और मंदिरा बेदी भी थे. यह सीरियल एक तमिल दामाद (सुब्बू) और एक पंजाबी कारोबारी के बीच प्यार और तकरार भरे रिश्ते को दिखाता था, जिसका किरदार सतीश शाह ने निभाया था.

इसके बाद उनका टीवी सफर ‘साया’ (1998) और ‘आरोहन’ जैसे सीरियलों तक पहुंचा, जहां उन्होंने भारतीय नौसेना अधिकारी की भूमिका निभाई. 1990 के दशक में माधवन ने ‘तोल-मोल के बोल’ गेम शो को भी होस्ट किया, जिसमें उनके साथ मिनी माथुर थीं.

बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक मिलने से पहले

माधवन को निर्देशक फ्रेड ओलेन राय की अंग्रेज़ी फिल्म ‘इन्फर्नो (1997)’ में भी भूमिका मिली थी. यह कहानी एक इंटरपोल अधिकारी की थी, जो अपने साथी की मौत का बदला लेने भारत आता है. माधवन ने इसमें रवि का किरदार निभाया था और भारत में शूट हुए हिस्सों में नज़र आए थे.

इसके बाद साल 2000 में उन्हें निर्देशक मणि रत्नम की फिल्म ‘अलाई पायुथे’ में बड़ा मौका मिला. माधवन ने इसमें कार्तिक का किरदार निभाया, जो अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में परेशानियों का सामना कर रहा होता है. इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें तमिल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.

बॉलीवुड में उनकी बड़ी पहचान उनकी तमिल फिल्म ‘Minnale’ के हिंदी रीमेक ‘रहना है तेरे दिल में’ (2001) से बनी. इस फिल्म को गौतम वासुदेव मेनन ने लिखा और निर्देशित किया था. माधवन ने हिंदी संस्करण में भी वही किरदार निभाया जो उन्होंने तमिल फिल्म में निभाया था. फिल्म में दिया मिर्ज़ा और सैफ अली खान भी थे.

इसके बाद उनके निर्देशन का दौर आया, जब उन्होंने ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट (2022)’ बनाई और उसमें नंबी नारायणन का किरदार भी निभाया.

हाल ही में 2026 में वह ‘धुरंधर’ में नज़र आए, जिसमें उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसी के प्रमुख अजय सान्याल का किरदार निभाया.

(इस फीचर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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