विरोध प्रदर्शन रविवार को धनुषा में शुरू हुए और भारत के रक्सौल के सामने स्थित बड़े कारोबारी केंद्र बीरगंज तक फैल गए. बीरगंज में बुधवार सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया.
ये हत्याएं बांग्लादेश में भीड़ हिंसा और निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी के बीच हुई हैं, जिनमें से कई में अल्पसंख्यक समुदायों के लोग शामिल हैं.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.