अदालत के आदेश में कहा गया है कि चोकसी राजनीतिक पूर्वाग्रह, भारतीय न्यायपालिका में स्वतंत्रता की कमी और भारतीय जेलों में यातना के अपने दावों को साबित नहीं कर सका. चोकसी अभी भी बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील कर सकता है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.