विरोध प्रदर्शन रविवार को धनुषा में शुरू हुए और भारत के रक्सौल के सामने स्थित बड़े कारोबारी केंद्र बीरगंज तक फैल गए. बीरगंज में बुधवार सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया.
ये हत्याएं बांग्लादेश में भीड़ हिंसा और निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी के बीच हुई हैं, जिनमें से कई में अल्पसंख्यक समुदायों के लोग शामिल हैं.
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.