विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक संतुलित और आपसी फायदे वाले ट्रेड एग्रीमेंट पर पहुंचने के लिए बातचीत के कई दौर किए हैं और कई मौकों पर डील होने ही वाली थी.
हावर्ड लटनिक का कहना है कि भारत मोदी-ट्रंप कॉल से असहज था और इसी वजह से बातचीत से होने वाली डील टूट गई, और जब दिल्ली डील के लिए तैयार हुआ, तो वॉशिंगटन अलग शर्तें चाहता था.
लॉस एंजिलिस, नौ जनवरी (भाषा) अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस इस सप्ताहांत अमेरिका में होने वाले ‘83वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड’ समारोह में प्रस्तोता में शामिल...
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.