मोदी के उन कट्टर समर्थकों के लिए, जिन्हें संस्थाओं की कोई परवाह नहीं है, एक नई स्टडी से पता चलता है कि मोदी के कार्यकाल में भारत की प्रति व्यक्ति आय उस स्तर से 10% कम रही, जो उनके बिना हो सकती थी.
तुषार मेहता ने कहा कि मामले की सुनवाई किसी और दिन की जा सकती है और जल्द की तारीख देने का अनुरोध किया. हालांकि, बेंच ने कहा कि मामले को 29 सितंबर को सुना जाएगा.