प्रतिभागियों ने बिहार आइडिया फेस्टिवल पोर्टल पर अपने नवाचार-आधारित विचार साझा किए और कार्यक्रम स्थल पर आयोजित “आइडिया हैकथॉन” में भाग लेकर विशेषज्ञों से अपनी योजनाओं पर चर्चा की.
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत सरकार 10 लाख रुपये तक की सहायता देती है, जिसमें 50% अनुदान और 50% ब्याज-मुक्त ऋण शामिल है. इससे युवा बिना पूंजी की चिंता किए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.
मुख्य सचिव ने कहा, “तकनीक का उद्देश्य लोगों की सेवा करना है. यह पोर्टल यह सुनिश्चित करता है कि समय पर सेवाएं प्राप्त करने का अधिकार केवल एक वादा नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक सच्चाई हो.”
मुख्यमंत्री ने “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री को एक ऐतिहासिक और प्रशंसनीय पहल बताया. उन्होंने कहा कि इससे जरूरतमंद लोग समय पर रक्तदाताओं से सीधे संपर्क कर सकेंगे, जिससे जीवन रक्षक सहायता सरल, सुलभ और समयबद्ध हो सकेगी.
जगदलपुर के डीएम जिले की सांस्कृतिक विविधता को और मजबूत बनाना चाहते थे. उनका सपना था कि बस्तर के लोक संगीत की खूबसूरती को कोक स्टूडियो जैसी पेशकश के ज़रिए रिकॉर्ड किया जाए. इसी सोच से ‘जादू बस्तर’ की शुरुआत हुई.
अगर राहुल गांधी इतने ही बेकार हैं कि वे इस सरकार के लिए एक 'एसेट' और विपक्ष के लिए एक 'लायबिलिटी' की तरह काम करते हैं, तो फिर सरकार उन्हें ख़बरों में बनाए रखने के लिए इतनी ज़ोर-शोर से कोशिश क्यों कर रही है?