मोहन यादव ने कहा कि “स्थानीय समुदाय की भागीदारी, निवेशकों के सहयोग और बेहतर अधोसंरचना से पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा. हमारा लक्ष्य है कि इस क्षेत्र की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग रोजगार सृजन के लिए किया जा सके.”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस आपदा में नागरिकों के साथ खड़ी है और सभी जरूरी सहायता पहुंचाई जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को मवेशियों के चारे, साफ पीने के पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा.
सरकार का कहना है कि इन पहलों से थारू समुदाय की आय में वृद्धि होगी और उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे. आगे अन्य विशेष जनजातियों और वनवासी समुदायों को भी इसी मॉडल पर सशक्त बनाने की योजना है.
साय ने UNECORAIL के सीईओ डोंग पिल पार्क से मुलाकात कर स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की.
औद्योगिक विकास के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश की नई औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है.
मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की.
बढ़ती मांग को देखते हुए गीडा ने न सिर्फ अपनी भूमि बैंक को मज़बूत किया है, बल्कि दक्षिण गोरखपुर के धुरियापार क्षेत्र में एक नए औद्योगिक टाउनशिप का विकास भी शुरू किया है, जहां दो बड़े प्रोजेक्ट्स को पहले ही जमीन आवंटित हो चुकी है.
कार्यक्रम में बैतूल, पन्ना, धार और कटनी में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए समझौते हुए. साथ ही 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड सौंपे गए.
शायद भारतीय पुरुषों के व्यवहार पर सही तरह से नज़र रखने का एकमात्र तरीका यह है कि हर ट्रिप पर उनकी मां उनके साथ हों. अगर वे किसी अजनबी से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें पहले मम्मी से पूछना चाहिए.