वर्ष 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उद्घाटित पहले संस्करण से लेकर 2024 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा उद्घाटन किए गए दूसरे संस्करण तक, यूपीआईटीएस ने आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति की है.
सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी और उद्योग जैसे क्षेत्रों पर जनता का जोर है. खासकर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली नीतियों में पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं.
इस कदम से NMC मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज संचालन सुनिश्चित होगा, पोस्टग्रेजुएट छात्रों को सीनियर रेजिडेंसी की सुविधा मिलेगी और राज्य में नॉन-क्लिनिकल व पैराक्लिनिकल फैकल्टी में शिक्षकों की उपलब्धता मजबूत होगी.
UPITS 2025 के इस तृतीय संस्करण में आगंतुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति, कृषि शिक्षा और प्रगतिशील किसानों व कंपनियों से रूबरू होंगे.
जिन भारतीय बच्चों के पास स्मार्टफोन हैं, वे इसका ज़्यादातर इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं—जैसे फिल्में देखना या सोशल मीडिया चलाना—न कि पढ़ाई के लिए. क्या यही ‘डिजिटल इंडिया’ का सही इस्तेमाल है?