सभा के अंत में वक्ताओं ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी भाषा, दृष्टि और संवेदनशीलता हिंदी साहित्य और पाठकों के बीच लंबे समय तक जीवित रहेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग समय से आवंटित बजट का उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि योजनाएं और परियोजनाएं तय समय में पूरी हों और प्रदेशवासियों को उनका लाभ मिल सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्णय लेने में देरी न हो, क्योंकि इससे बजट व्यय प्रभावित होता है.
उन्होंने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, निगरानी और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है. यह केंद्र सरकार की तेज़ और जवाबदेह कार्यशैली का उदाहरण है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनता को 10 वातानुकूलित (एसी) और 2 स्लीपर कॉन्ट्रैक्ट बसें भी समर्पित कीं. इसके साथ ही परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ और सड़क सुरक्षा थीम पर आधारित कैलेंडर का भी विमोचन किया गया.
मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी के लिए ऋण लेने हेतु राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.