सीएए-एनआरसी के बाद भी जन्म स्थान और जन्म तिथि के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर भारतीय नागरिक होने का दावा किया जा सकता है ऐसा हुआ, और असम से कांग्रेस के टिकट पर एक व्यक्ति लगातार तीन बार लोकसभा भी पहुंचा.
जब गांधी ने धर्मनिरपेक्षता की बात की, तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए. जब इंदिरा गांधी ने धर्मनिरपेक्षता को जोड़ने के लिए संविधान में संशोधन किया, तो उन्हें स्पष्ट करने के लिए कहा गया कि उनका क्या मतलब है.
हलमा आदिवासियों की ऐसी परंपरा है जिसके द्वारा वह अपने समुदाय की मदद के लिए एकत्रित होते हैं, सालों, महीनों और दिनों तक चलने वाले काम को चंद घंटों में कर देते हैं.
सीएए का विरोध ना सिर्फ स्वत:स्फूर्त और सहज रहा है, बल्कि इसके जरिए युवाओं ने स्पष्ट संदेश भी दिया है कि वे मोदी सरकार की विभाजनकारी राजनीति को चुपचाप सहन नहीं करेंगे.
भीमा कोरेगांव का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन ये संघर्ष इतिहासकारों के लिए एक चुनौती बना हुआ है कि आखिर इसे भारतीय इतिहास में कैसे फिट किया जाए.
दिप्रिंट को लिखे एक्सक्ल्यूसिव चिट्ठी में चंद्रशेखर आज़ाद ने देशवासियों से आह्वान किया है, 'संविधान को बचाने की लड़ाई हमें मिलकर लड़नी है क्योंकि यही हमरा कवच है.'
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू...