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Tuesday, 24 February, 2026
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जिबूती की कहानी हंबनटोटा से मिलती-जुलती है, और उसे भी चीन ने ही लिखा है

जिबूती के कतिपय प्रभावशाली लोगों को भरोसा है कि चीनी निवेश के सहारे उनका देश ‘अफ्रीका का सिंगापुर’ बन सकता है.

रैली हो या कुंभ- सियासत की खातिर कोविड को नज़रअंदाज करने का बोझ मोदी-शाह की अंतरात्मा पर हमेशा बना रहेगा

भाजपा के नेता जिस तरह बिना मास्क के विशाल रैलियां कर रहे हैं उससे यह भ्रम फैला है कि सब कुछ सामान्य है. लोगों में यह संदेश गया कि कोविड-19 का दुःस्वप्न तो बीती हुई बात हो चुकी है.

बहुसंख्यकों की तानाशाही लोकतंत्र के एकदम विपरीत, आंबेडकर का लिखा हमें फिर से पढ़ने की जरूरत

आंबेडकर मानते थे कि लोकतंत्र की पहली और सबसे जरूरी शर्त है कि बड़े पैमाने की गैर-बराबरी ना हो, हर नागरिक के साथ शासन-प्रशासन बराबरी का बर्ताव करता हो.

जयशंकर की जबान फिसली, लाव्रोव का पाकिस्तान दौरा- क्यों भारत-रूस के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है

ताजा घटनाक्रम यही संकेत देता है ‘वक्त की कसौटी पर खरा उतरा’ भारत-रूस संबंध सिकुड़ गया है और इसकी वजह यह है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की भावनाओं की पर्याप्त परवाह नहीं कर रहे हैं.

कुंभ पर चुप्पी भारतीयों की इस सोच को उजागर करती है कि सिर्फ मुसलमान ही कोविड फैलाते हैं

सत्य से अधिक मुक्तिदायक और कुछ नहीं होता. और सच ये है कि भारत में सांप्रदायिकता गहरे तक समाई हुई है.

असम में कांग्रेस के चुनाव अभियान में छिपे हैं राहुल के लिए कई सबक

कांग्रेस पार्टी ने असम में जो चुनावी रणनीति अपनाई वह 2 मई को नतीजों की घोषणा के बाद कामयाब साबित हो या नहीं, मगर राहुल गांधी इसे आगे आजमाने पर विचार कर सकते हैं.

नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक युद्ध की बात एकदम बेतुकी- बस्तर जाकर देखिए, वहां अरसे से युद्ध जारी है

लड़ाई जीतने के लिए, आपको विरोधी को अच्छे से समझने की आवश्यकता होती है. ये कोई अलगाववादी आंदोलन नहीं है, इसमें अलग राज्य की मांग नहीं है.

म्यांमार, बेलारूस, हांगकांग, रूस को ही देखिए, इतिहास गवाह है कि क्रांतियां अपनी संतानों को ही खा जाती हैं

ऐसा लगता है कि आंदोलन शुरू करना तो आसान है मगर उसकी दिशा को नियंत्रित करना मुश्किल है. यही वजह है कि लोगों ने जहां दमनकारी शासकों का तख़्ता पलटकर नये शासकों को बैठाया उनमें से कई जगहों में उनकी किस्मत नहीं बदली.

अयोध्या, काशी, मथुरा- ज्ञानवापी मस्जिद पर अदालत का फैसला ‘अतीत के प्रेतों’ को फिर से जगाएगा

ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी की जिला अदालत का आदेश इस उम्मीद को तोड़ता है कि अयोध्या में जो कुछ हुआ उसे अब दोहराया नहीं जाएगा, गड़े मुर्दों को उखाड़ते रहना विनाश को बुलावा देना ही है.

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एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

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राजनीति

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गोवा : टीसीपी अधिनियम की धारा के खिलाफ प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी

पणजी, 24 फरवरी (भाषा) रिवोल्यूशनरी गोवन्स पार्टी (आरजीपी) के विधायक वीरेश बोरकर मंगलवार को नगर एवं ग्रामीण नियोजन अधिनियम की एक धारा के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.