विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च और अप्रैल में भीषण गर्म हवाएं चलना असामान्य हैं. अगर उत्सर्जन को घटाया नहीं गया तो जलवायु परिवर्तन के कारण ये हीटवेव मौसम चक्र का सामान्य हिस्सा बन जाएंगी.
डॉलर को बदलने के लिए सिर्फ दूसरी करेंसी नहीं, बल्कि उतना ही मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम, भरोसेमंद संस्थान और बैंक-निवेशक-पेमेंट का पूरा नेटवर्क भी जरूरी है.