गुरुवार को संसद में पेश किए गए सर्वे में आर्थिक और सामाजिक असर को प्राथमिकता देते हुए और असल ज़िंदगी की समस्याओं को हल करने के साथ तालमेल बिठाते हुए AI के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया है.
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि नियमों में रैगिंग को शामिल नहीं किया गया, यह मान लिया गया कि सिर्फ कुछ ही जातियां भेदभाव कर सकती हैं. बेंच ने नियमों की समीक्षा के लिए समाजशास्त्रियों की विशेषज्ञ समिति बनाने का सुझाव दिया.
आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.