साइंस डायरेक्ट की पत्रिका ट्रैवल बिहेवियर एंड सोसाइटी में शुक्रवार को प्रकाशित 'जेंडर गैप इन मोबिलिटी आउटसाइड होम इन अर्बन इंडिया' शीर्षक वाले पेपर के मुताबिक, शहरी भारत की लगभग आधी महिलाओं का कहना है कि वे एक बार भी अपने घरों से बाहर नहीं निकलीं.
क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.