मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?
दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, कहा दोनों के बयान से सांप्रदायिक हिंसा या अशांति नहीं भड़की, हेट स्पीच से निपटने के लिए निर्देश बनाने से इनकार.