क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.
पुलिस का कहना है कि राजधानी से हिरासत में लिए गए 10 छात्र कार्यकर्ताओं को शनिवार रात रिहा कर दिया गया, लेकिन उनके वकीलों ने इस दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक कार्यकर्ता का कोई अता-पता नहीं है.