संयुक्त बयान में कहा गया कि शिखर सम्मेलन के दौरान, नेताओं ने लोकतंत्र, मानवाधिकार, बहुलवाद, कानून का शासन एवं संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखते हुए नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को उच्च स्तर पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.
मोदी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता संपन्न होने के बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे.