रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ दशकों में युवा आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उच्च शिक्षा में नामांकन दर भी बढ़ी है जिससे युवा स्नातकों की कुल संख्या में वृद्धि हुई है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.
गुवाहाटी, 28 मार्च (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे असम विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी करेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस...