अडाणी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के आरोपों को निराधार, अनैतिक और कानून का उल्लंघन बताया, जबकि फर्म का कहना है कि अडाणी सच्चाई को झुठला रहे हैं और धोखाधड़ी के वास्तविक मुद्दों से बच रहे हैं.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.