कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी में 33.14 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सरकार शुक्रवार को उसकी सबसे बड़ी इक्विटी धारक बन गई थी. सोमवार को इसके शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. कारोबार के अंत में शेयर 19.88 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 8.26 रुपये पर बंद हुआ.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.