वित्त मंत्री ने बताया कि सेवा क्षेत्र में भारत के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता है और 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रस्तावित रेल मार्गों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं. ये कॉरिडोर देश के वित्तीय, तकनीकी और औद्योगिक केंद्रों को तेज और स्वच्छ परिवहन से जोड़ेंगे.
गौरतलब है कि नई दिल्ली में स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को आयुर्वेदिक तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है.