इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल, डिजिटल प्लेटफॉर्म और पेमेंट्स के विस्तार की वजह से गिग वर्कफोर्स FY 2021 में 77 लाख से बढ़कर FY 2025 में लगभग 1.2 करोड़ हो गई है.
गुरुवार को संसद में पेश किए गए सर्वे में आर्थिक और सामाजिक असर को प्राथमिकता देते हुए और असल ज़िंदगी की समस्याओं को हल करने के साथ तालमेल बिठाते हुए AI के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया है.
सप्लाई चेन में रुकावट, शिपिंग लागत बढ़ना और जरूरी सामान की कमी से दुनिया में सप्लाई शॉक आ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्थाएं अस्थिर होकर मंदी में जा सकती हैं.
वायनाड (केरल), 25 मार्च (भाषा) मानंतवाडी विधानसभा सीट से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की उम्मीदवार उषा विजयन ने बुधवार को कांग्रेस नेता और पूर्व...