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Saturday, 11 April, 2026
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नेशनल इंट्रेस्ट

भारतीय मर्सिडीज के मिरर व्यू में आसिम मुनीर का डंपर ट्रक जितना दिखाई दे रहा है उससे ज्यादा करीब है

आसिम मुनीर मानते हैं कि उनके डंपर ट्रक के रास्ते में यहां-वहां कुछ ठोकर हो सकते हैं लेकिन वे इसे ड्राइव करके इसे और खुद को मौत के मुंह तक नहीं ले जाने वाले हैं. वे इसे एक सामरिक और रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं.

ट्रंप के साथ वार्ता की मेज पर पहुंचा यूरोप, इसमें भारत के लिए है एक सबक

पुतिन इसे अपनी जीत मान रहे हैं. यूरोपीय देशों ने बड़े पश्चिमी गठबंधन को बचाने के लिए ट्रंप की शर्तों पर उनसे समझौता करने का फैसला किया है. अब देखते हैं कि भारत के लिए इसमें क्या सबक छिपा है.

IAF बनाम PAF की रणनीति: पाकिस्तान आंकड़ों में उलझा रहा, भारत ने जोखिम उठाया और जीता

अब जबकि मई की 87 घंटे लंबी जंग में IAF और PAF दोनों ने एक-दूसरे के विमान गिराने का औपचारिक दावा किया है, तो बड़ा सवाल यह उठता है: क्या ऐसे आंकड़े वाकई मायने रखते हैं?

किसानों के लिए मोदी का सब कुछ दांव पर, कृषि सुधार से आ सकती है नई हरित क्रांति, ट्रंप को मिलेगा जवाब

अमेरिका को चुनौती देना भारत के किसी नेता के लिए आमतौर पर निजी जोखिम नहीं होता. विदेशी दबाव की बात आते ही देश एकजुट होकर उस नेता के साथ खड़ा हो जाता है जिसे वे इस लड़ाई में अपना अगुआ मानते हैं.

मोदी-ट्रंप के बीच क्या आ रहा है? जवाब है: भारत के विरोधाभास

ट्रंपियन कूटनीति से अपनी रक्षा करने के लिए सबसे पहले हमें अपने सत्तातंत्र के अंदर के विमर्श में जो विरोधाभास हैं उनका विश्लेषण करना होगा. आप तब से शुरू कर सकते हैं जब 2014 की गर्मियों में मोदी सत्तासीन हुए थे.

मोदी का भारत Vs इंदिरा का इंडिया: राजनीति, कूटनीति, और अर्थव्यवस्था का 11 साल का रिपोर्ट कार्ड

नरेंद्र मोदी जबकि प्रधानमंत्री पद पर लगातार सबसे लंबे समय तक बने रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं, हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं चार अहम मामलों में वे इंदिरा गांधी की तुलना में कैसे लगते हैं.

एक दिन रणनीतिक साझेदार, अगले दिन सिरदर्द: भारत ट्रंप्लोमैसी से कठिन सीख ले रहा है

खुली, तीखी, खरी, अनीतिपूर्ण और कभी-कभी अपमानजनक विशेषणों से लैस तारीफों से भरी कूटनीति. इसे हम ‘ट्रंप्लोमैसी’ कहते हैं. लेकिन इस सबके पीछे बड़ा मकसद होता है: अमेरिकी वर्चस्व बनाए रखना.

वाजपेयी से लेकर भागवत तक: मोदी अपवाद और 75 में ‘रिटायरमेंट’ को लेकर BJP में क्यों नहीं होगी चर्चा

बीजेपी में, कम-से-कम शीर्ष स्तर पर पारिवारिक उत्तराधिकार का कोई उदाहरण नहीं मिलेगा. आप देख सकते हैं कि यह वाजपेयी-आडवाणी के दौर में भी हुआ. युवा प्रतिभा की पहचान और उसे मजबूती देने का यह चलन पार्टी अध्यक्ष के चयन के मामले में ज्यादा उल्लेखनीय दिखता है.

कच्छ से सीख, सिंदूर से संकेत: आसिम मुनीर के लिए भारत को 6 महीने, 2 और 5 साल की ठोस रणनीति की ज़रूरत

कच्छ पाकिस्तान के साथ हमारी सबसे भुला दी गई जंग है. उससे सीखने और अगले छह महीने, दो साल और पांच साल की योजना बनाने की ज़रूरत है.

न्यूयॉर्क, नया कॉमरेड: मेयर ज़ोहरान ममदानी और उनका देसी समाजवाद

ममदानी की मान्यताएं, गज़ा के लिए उनका समर्थन, मोदी या नेतन्याहू के प्रति उनकी नापसंद आदि की वजह से भारत में कई लोग उनके उत्कर्ष को एक और ‘भारतीय विजय’ के रूप में नहीं मना सकते हैं.

मत-विमत

दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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राजनीति

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असम की करीमगंज उत्तर विधानसभा सीट के एक बूथ पर पुनर्मतदान जारी

गुवाहाटी, 11 अप्रैल (भाषा) असम में श्रीभूमि जिले के करीमगंज (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर शनिवार को मतदान जारी है। दो...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.